इंडसइंड बैंक के घर में ही चोर? 172 करोड़ का घोटाला आया सामने, किसी अंदर वाले ने ही किया फ्रॉड
इंडसइंड बैंक में 172.58 करोड़ की धोखाधड़ी से तिमाही में ₹2,329 करोड़ का घाटा हुआ. CEO और डिप्टी CEO ने इस्तीफा दिया. PwC रिपोर्ट में 1,979 करोड़ का नकारात्मक असर.
नई दिल्ली. देश के पांचवें सबसे बड़े निजी बैंक इंडसइंड बैंक में आंतरिक धोखाधड़ी (internal fraud) का बड़ा मामला सामने आया है. बैंक की माइक्रोफाइनेंस यूनिट में 172.58 करोड़ रुपये की रकम को गलत तरीके से तीन तिमाहियों तक ‘फीस इनकम’ के तौर पर रिकॉर्ड किया गया. बैंक की आंतरिक ऑडिट टीम (IAD) और बाहरी एजेंसी PwC की जांच में यह गंभीर गड़बड़ी उजागर हुई है.
बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की पहली तीन तिमाहियों (मार्च, जून और सितंबर 2024) में ये गड़बड़ियां दर्ज की गईं और चौथी तिमाही में इन्हें सुधारा गया. इस वजह से इंडसइंड बैंक को पिछले 18 सालों में पहली बार तिमाही घाटा हुआ है.
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CEO और डिप्टी CEO पहले ही जा चुके हैं
बैंक ने मार्च में अपने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में भी अकाउंटिंग लैप्स की जानकारी दी थी, जिससे दिसंबर 2024 तक बैंक की नेटवर्थ पर 2.35% का असर पड़ा. इस खुलासे के बाद 29 अप्रैल को CEO सुमंत कथपालिया और डिप्टी CEO अरुण खुराना ने इस्तीफा दे दिया था. तब से बैंक का संचालन एक अंतरिम एग्जीक्यूटिव कमेटी देख रही है.
PwC की रिपोर्ट में 1,979 करोड़ रुपये के प्रभाव का अनुमान
बैंक द्वारा नियुक्त की गई प्रोफेशनल सर्विस फर्म PwC ने अपनी रिपोर्ट में जून 2024 तक बैंक की बैलेंस शीट पर कुल 1,979 करोड़ रुपये के नकारात्मक असर का अनुमान जताया है. रिपोर्ट में बताया गया कि कई स्तरों पर लापरवाही हुई और कुछ कर्मचारियों की ओर से जानबूझकर धोखाधड़ी की गई.
IAD को और भी गड़बड़ियां मिलीं
इंडसइंड बैंक की आंतरिक ऑडिट टीम ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि “अन्य परिसंपत्तियों” (other assets) में 595 करोड़ रुपये की ‘असत्यापित बैलेंस’ (unsubstantiated balances) दर्ज थीं. इसके अलावा, माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो की जांच में सामने आया कि 674 करोड़ रुपये को तीन तिमाहियों में गलत तरीके से ब्याज के रूप में रिकॉर्ड किया गया. अब इंडसइंड बैंक पर विश्वास बहाली और बैलेंस शीट की सफाई का दबाव है. निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नया CEO कौन होगा और बैंक में सुधार की प्रक्रिया कितनी तेज़ी से आगे बढ़ेगी.
तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा घाटा
संकट से घिरे IndusInd Bank को तिमाही नतीजों में अब तक सबसे तगड़ा झटका लगा है. बीते वित्त वर्ष की मार्च तिमाही में बैंक को ₹2,329 करोड़ का घाटा हुआ है. बैंक को सबसे बड़ी चोट माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो से लगी है, जहां ₹1,800 करोड़ के लोन को पहले सही बताया गया था, लेकिन अब इसे NPA घोषित किया गया. . तिमाही के दौरान कुल स्लिपेज ₹5,014 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछली तिमाही में ये आंकड़ा काफी कम था. साथ ही बैंक को ₹1,816 करोड़ की वसूली नहीं हो सकी, जो पिछली तिमाही के ₹984 करोड़ से लगभग दोगुनी है.