Most Expensive Courses: देश के 5 सबसे महंगे कोर्स, लोन के बिना नहीं ले पाएंगे डिग्री, बिक जाते हैं लोगों के घर-खेत
Most Expensive Courses: भारत में शिक्षा बहुत महंगी है. स्कूल से लेकर हायर एजुकेशन तक की फीस जुटा पाना मुश्किल होता जा रहा है. जानिए 5 ऐसे कोर्स, जिनकी फीस जमा करने के लिए लोगों को लोन तक लेना पड़ जाता है.
नई दिल्ली (Most Expensive Courses). हायर एजुकेशन की दुनिया में कुछ डिग्रियां ऐसी हैं, जो सुनने में जितनी शानदार लगती हैं, उनकी फीस उतनी ही चौंकाने वाली होती है. मेडिकल के सफेद कोट से लेकर पायलट के कॉकपिट और MBA के कॉर्पोरेट बोर्डरूम तक- ये कोर्स सिर्फ ज्ञान नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल, समाज में इज्जत और करियर की नई ऊंचाइयों का वादा करते हैं. इन कोर्सेस में एडमिशन लेना केवल पढ़ाई का फैसला नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों का इनवेस्टमेंट है.
बीटेक, एमटेक, एमबीए, एमबीबीएस जैसे कोर्स की कीमतें इतनी अधिक क्यों हैं? इसका जवाब है- मॉडर्न इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेशनल लेवल की फैकल्टी, रिसर्च और ट्रेनिंग के लिए हाई-टेक सुविधाएं और ग्लोबल नेटवर्क. बात चाहे महंगे मेडिकल डिवाइसेस की हो, विमान उड़ाने के वास्तविक अनुभव की या इंडस्ट्री-रेडी मैनेजमेंट ट्रेनिंग की- इनके हर पहलू पर जमकर खर्च होता है. इन कोर्सेस को करने के बाद स्टूडेंट्स न सिर्फ डिग्री, बल्कि एक ऐसा मंच लेकर निकलते हैं, जो उन्हें देश-दुनिया में खास पहचान दिलाता है.
Most Expensive Courses in India: देश के 5 सबसे महंगे कोर्स
देश के सबसे महंगे कोर्स में दाखिला लेना सिर्फ फीस भरने का मामला नहीं है. यह एक इनवेस्टमेंट है, जो सालों की कठिन मेहनत और कठिन ट्रेनिंग के बाद बड़े पैमाने पर रिटर्न दे सकता है. उदाहरण के लिए, मेडिकल की पढ़ाई में क्लिनिकल ट्रेनिंग और हॉस्पिटल में इंटर्नशिप के लिए अल्ट्रामॉडर्न सुविधाओं की जरूरत होती है. वहीं, एमबीए में इंडस्ट्री नेटवर्किंग और ग्लोबल एक्सपोजर पर भारी खर्च होता है.
पायलट ट्रेनिंग जैसे कुछ खास कोर्स में वास्तविक विमान उड़ाने और फ्लाइट सिम्युलेशन जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं, जिनकी लागत बहुत ज्यादा है. वहीं, डिजाइन और लॉ जैसे कोर्स क्रिएटिविटी, इंटरैक्टिव स्टूडियो और इंडस्ट्री से जुड़े प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स की वजह से महंगे होते हैं. हाई फीस के बावजूद ये कोर्स युवाओं को ऐसे प्लेटफॉर्म प्रदान करते हैं, जहां से वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना करियर मजबूत कर सकते हैं.
1. एमबीबीएस (प्राइवेट/डीम्ड यूनिवर्सिटी)
निजी और डीम्ड मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कुल फीस 50 लाख से 1.5 करोड़ रुपये तक हो सकती है. इसका कारण है- महंगा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस लैब, महंगे मेडिकल उपकरण और लंबे समय तक क्लिनिकल ट्रेनिंग. डॉक्टर बनने की चाहत रखने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह जरूरी लेकिन महंगा निवेश है.
2. एमबीए (IIMs, ISB, XLRI)
आईआईएम, आईएसबी और XLRI जैसे टॉप बिजनेस स्कूलों में एमबीए की फीस 30-40 लाख रुपये तक पहुंच जाती है. हाई क्वॉलिटी की फैकल्टी, ग्लोबल नेटवर्क, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स और प्रीमियम प्लेसमेंट अवसरों की वजह से एमबीए की फीस इतनी ज्यादा है.
3. बीटेक/एमटेक (टॉप संस्थान और प्राइवेट इंस्टीट्यूट)
आईआईटी, एनआईटी और बिट्स पिलानी जैसे टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक और एमटेक की फीस कुल 15-20 लाख रुपये तक या उससे ज्यादा भी जा सकती है. अल्ट्रामॉडर्न लैब्स, रिसर्च की शानदार सुविधाएं और इंडस्ट्री पार्टनरशिप की वजह से इन कोर्सेस की फीस ज्यादा है.
4. कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग
कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग (CPL) की फीस 15-40 लाख रुपये तक होती है. इसमें विमान उड़ाने का वास्तविक अनुभव, फ्लाइट सिम्युलेटर ट्रेनिंग और फ्यूल जैसी महंगी सुविधाएं शामिल होती हैं. कॉमर्शियल पायलट ट्रेनिंग के बाद लाइसेंस हासिल कर पाना भी आसान नहीं है.
5. एलएलएम/ डिजाइन/ मीडिया कोर्स
देश के टॉप लॉ कॉलेज, डिजाइन इंस्टीट्यूट (NID, NIFT) और कुछ निजी मीडिया यूनिवर्सिटीज में भी फीस 10-30 लाख रुपये प्रति वर्ष तक हो सकती है. इसमें इंटरैक्टिव स्टूडियो, इंटरनेशनल कोलैबोरेशन और इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स का बड़ा योगदान होता है.
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