स्कूल से भागा बच्चा... लेकिन सीधे गया गुरुद्वारा? 10वीं के स्टूडेंट ने क्यों उठाया ये कदम, हैरान कर देगी वजह
Delhi News: दिल्ली के रूप नगर इलाके से लापता 14 वर्षीय छात्र ननक प्याऊ गुरुद्वारे से सुरक्षित मिला. खराब ग्रेड्स से परेशान होकर उसने स्कूल छोड़ दिया था और गुरुद्वारे में जाकर भोजन और शरण ली. पुलिस ने 60 CCTV कैमरे खंगालकर बच्चे को ढूंढ निकाला. जांच में किसी अपराध का संकेत नहीं मिला, बच्चा परिजनों को सौंप दिया गया.
नई दिल्ली: दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. खराब मार्क्स से निराश होकर स्कूल से गायब हुआ 14 साल का छात्र आखिरकार गुरुद्वारे में सुरक्षित मिला. यह मामला दिल्ली के रूप नगर इलाके के एक सरकारी स्कूल से जुड़ा है, जहां कक्षा 10 का छात्र सोमवार को अचानक लापता हो गया था.
परिवार में हड़कंप मच गया जब बच्चे के पिता, जो दयालपुर के रहने वाले हैं, ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई. तीन दिन की लगातार तलाश के बाद जब पुलिस ने बच्चे को ननक प्याऊ गुरुद्वारे से बरामद किया, तो घरवालों की आंखों में राहत के आंसू छलक पड़े.
पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चा अपनी पढ़ाई और ग्रेड्स को लेकर बेहद परेशान था. उसने स्कूल न जाने का फैसला किया और बिना किसी को बताए निकल गया. जब भूख लगी, तो वह गुरुद्वारे पहुंच गया, जहां उसे भोजन और शरण मिल गई.
60 सीसीटीवी कैमरों की मदद से मिला सुराग
रूप नगर थाने की पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट मिलने के बाद बच्चे की तलाश में कोई कसर नहीं छोड़ी. पुलिस टीम ने करीब 60 सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बच्चे की आखिरी झलक राणा प्रताप बाग स्थित ननक प्याऊ गुरुद्वारे के पास दिखी. इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर गुरुद्वारे के सेवादारों से पूछताछ की और अंततः उसी परिसर में बच्चे को सुरक्षित पाया गया.
बच्चे ने बताया- पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था
पुलिस के अनुसार पूछताछ में बच्चे ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई और प्रदर्शन से निराश था. उसे डर था कि खराब ग्रेड्स को लेकर परिवार नाराज होगा, इसलिए उसने स्कूल न जाने और कुछ समय अकेले रहने का फैसला किया. जब उसे भूख लगी, तो उसने गुरुद्वारे का रुख किया. वहां के लंगर में भोजन और लोगों की दयालुता ने उसे सुकून दिया.
परिवार को सौंपा गया बच्चा, केस बंद
सभी औपचारिकताओं के बाद पुलिस ने बच्चे को उसके परिवार के हवाले कर दिया. अधिकारियों ने बताया कि कोई आपराधिक गतिविधि या अपहरण जैसी बात सामने नहीं आई, इसलिए मामला बंद कर दिया गया है. पुलिस ने परिवार को सलाह दी है कि बच्चे के साथ धैर्यपूर्वक बात करें और उसे मानसिक रूप से सहयोग दें.
गुरुद्वारे के सेवादारों ने निभाई इंसानियत की मिसाल
गुरुद्वारे के सेवादारों ने बताया कि उन्होंने बच्चे को भूखा देखा तो उसे भोजन और पानी दिया. उन्होंने कहा कि “यह हमारी सेवा है, कोई भी व्यक्ति अगर भूखा या परेशान आता है तो हम उसे खाना और आसरा देते हैं.”