जन्माष्टमी पर व्रत कर रहे हैं? इन नियमों का जरूर करें पालन, छप्परफाड़ बरसेगी कृष्ण जी की कृपा
Janmashtami Vrat Niyam: जन्माष्टमी का दिन बहुत खास होता है. इस दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है. इस दिन कई लोग व्रत रखते है, लेकिन जो पहली बार यह व्रत रखने जा रहे हैं. उन्हें नियम जरूर जान लेने चाहिए.
Janmashtami 2025 Date: भादो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है. इस दिन लड्डू गोपाल की पूजा की जाती है. जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की झांकिया लगती हैं. जन्माष्टमी पर व्रत का विधान है. धार्मिक मान्यता है कि भाद्रपद माह की अष्टमी तिथि पर भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हुआ था. वहीं, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन सही विधि से पूजा-अर्चना करने से ही शुभ फल की प्राप्ति होती है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, इस दिन जो भी जातक व्रत रखता है. उन्हें कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है. आइए जानते हैं व्रत के नियम और महत्व.
कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी?
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 15 अगस्त को रात 11 बजकर 49 मिनट के लगभग प्रारंभ होगी. 16 अगस्त को रात 09 बजकर 34 मिनट पर समाप्त होगी. इस बार गृहस्थों की जन्माष्टमी 15 अगस्त और वैष्णव की जन्माष्टमी 16 अगस्त को मनाई जाएगी.
जन्माष्टमी की पूजा और व्रत का सही नियम
आचार्य ने बताया कि जन्माष्टमी वाले दिन नए वस्त्र और आभूषणों से श्री कृष्ण का श्रृंगार करना चाहिए. इसी के साथ श्रीकृष्ण के 108 नाम का जाप करना चाहिए. साथ ही इस दिन कृष्ण लीला की कथाएं सुननी चाहिए और घर में ही रहकर श्रद्धापूर्वक कीर्तन करना चाहिए.
पहली बार रख रहे हैं व्रत तो जान लें नियम
जन्माष्टमी के व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दिन निर्जला व्रत रखना उत्तम होता है. अगर चाहे तो फलाहार पर भी व्रत किया जा सकता है. साथ ही व्रती लोगों को इस दिन किसी से लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए और मन को पवित्र रखना चाहिए. इस दिन घर में मंदिर को अच्छे से साफ करके सजाना चाहिए. इस दिन भगवान को नए और पीले वस्त्र पहनाएं. व्रत करने वालों को इस दिन अन्न, अनाज और नमक का सेवन नहीं करना चाहिए. सबसे अंत मे व्रत खोलने के पहले गरीबों में दान का करना चाहिए.