Trending:
गूगल पर
News18 चुनें
होमताजा खबरधर्म
Mahabharat Katha : द्रौपदी को किस शर्त पर दांव पर लगा बैठे थे युधिष्ठिर

द्रौपदी के लिए दुर्योधन की ये इच्छा सालों तक दबी रही, मकसद पूरा करने के लिए पांडवों को जाल में फंसाया, फिर कर डाला...

Written by:
Last Updated:

Mahabharat Katha: महाभारत की यह कथा आज भी हमें यह सिखाती है कि किसी के सम्मान के साथ खेलना कितना घातक हो सकता है. यह कहानी सिर्फ एक स्त्री के अपमान की नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए चेतावनी की तरह है कि अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ज़रूरी है, चाहे सामने कोई भी क्यों न हो.

ख़बरें फटाफट
विज्ञापन

Mahabharat Katha: महाभारत केवल एक युद्ध की कहानी नहीं है, बल्कि यह मानव स्वभाव, भावनाओं और भूलों का आईना है. इसमें कई ऐसे मोड़ हैं जो आज भी समाज को सोचने पर मजबूर कर देते हैं. इन्हीं में से एक घटना है चौसर का खेल, जिसमें युधिष्ठिर ने अपनी पत्नी द्रौपदी तक को दांव पर लगा दिया. यह न सिर्फ परिवार, समाज और नारी सम्मान के लिए दुखद था, बल्कि न्याय और नीति की उस समय की नींव को भी हिला देने वाला था. यह घटना केवल एक व्यक्तिगत हार नहीं थी. इसमें यह भी स्पष्ट हुआ कि कैसे जुआ और अहंकार मिलकर इंसान को अंधा कर सकते हैं. द्रौपदी जैसी बुद्धिमान और साहसी स्त्री को अपमानित करना, उस युग की नारी शक्ति के लिए सबसे बड़ा आघात था. यह वह क्षण था जब धर्म, नीति और मर्यादा सब मौन हो गए. यही वह बिंदु था जिसने भविष्य के विनाश की नींव रखी.

महाभारत कथा

विज्ञापन

चौसर की चाल
इस खेल की शुरुआत यूं हुई कि दुर्योधन ने युधिष्ठिर को चौसर खेलने के लिए बुलाया. दुर्योधन पांडवों से जलता था और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाना चाहता था. शकुनि की मदद से वह ऐसा जाल बुन चुका था जिसमें फंसना तय था. शकुनि अपने चालाक दांवों और जादुई पासों के लिए जाना जाता था. युधिष्ठिर जानते थे कि खेल में ईमानदारी की कोई जगह नहीं है, फिर भी उन्होंने इसे तलवार और खून से बेहतर मानते हुए स्वीकार कर लिया.

विज्ञापन

धन से लेकर आत्मसम्मान तक की हार
खेल के दौरान युधिष्ठिर अपनी सारी संपत्ति हार गए. राज्य, सेना, महल और अंत में खुद को भी. जब वो अपनी स्वतंत्रता खो बैठे, तब भी उनका लालच रुका नहीं. दुर्योधन ने उन्हें यह कहकर बहकाया कि अगर वे द्रौपदी को दांव पर लगाएंगे और जीत जाएंगे, तो सब कुछ वापस मिल सकता है. युधिष्ठिर ने यह बात मान ली और द्रौपदी को भी हार गए.

ये भी पढ़ें- जेब में नहीं टिकता पैसा? कहीं आप भी तो नहीं करते ये 3 गलतियां? जिस वजह से बनी रहती है धन की परेशानी!

विज्ञापन

युद्ध की नींव यहीं से रखी गई
यहीं से शुरू हुआ वो अपमान का सिलसिला जो इतिहास में एक शर्मनाक अध्याय बन गया. द्रौपदी को दरबार में बुलाया गया, उनके साथ अभद्रता की गई और वस्त्रहरण का प्रयास किया गया. यह वो क्षण था जिसने पांडवों की आत्मा को झकझोर दिया और एक भयानक युद्ध की नींव रखी. उस समय सभा में मौजूद कोई भी व्यक्ति, यहां तक कि भीष्म और द्रोणाचार्य भी चुप रहे, जिससे यह घटना और भी अधिक पीड़ादायक बन गई.

दुर्योधन का असली मकसद
दुर्योधन के इस अपमानजनक व्यवहार के पीछे एक छिपी भावना थी. कहा जाता है कि दुर्योधन द्रौपदी के प्रति गुप्त रूप से आकर्षित था, लेकिन उसकी गरिमा और दृढ़ता के सामने वह खुद को असहाय महसूस करता था. इसी कारण जब उसे अवसर मिला, तो उसने अपने पुराने अपमान का बदला लेने का प्रयास किया- एक ऐसी घिनौनी तरकीब से जिसे कोई भी सभ्य समाज कभी स्वीकार नहीं करेगा.

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- Mahabharat Katha: महाभारत का सच्चा नायक, युधिष्ठिर या अर्जुन नहीं, जिनके वचन थे जीवन से भी ऊपर, स्वर्ग की अप्सरा थी दीवानी

नैतिकता और विवेक की हार
इस घटना ने यह भी दिखा दिया कि जब लालच, गुस्सा और अहंकार किसी के मन में एक साथ बसते हैं, तो वह व्यक्ति चाहे कितना भी धर्मशील क्यों न हो, उससे भी गलती हो सकती है. युधिष्ठिर जैसे व्यक्ति से भी, जो नीति और धर्म की बातें करता था, ऐसी भयानक भूल हो गई. उस दिन उन्होंने अपने विवेक को ताक पर रख दिया और द्रौपदी जैसी स्त्री को एक दांव में रखकर पूरे युग के सामने एक कलंक छोड़ दिया.

Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। बजट 2026 की लाइव खबर यहां पढ़ें |
और पढ़ें

फोटो

मच्छरों को कब लगा इंसानों के खून का चस्का? आज भी हर साल लेते हैं 6 लाख की जान

UBER की एयर टैक्सी कर देगी ट्रैफिक की छुट्टी! 320 km/h होगी स्पीड

दिल्ली में डबल डेकर बस रिटर्न्स: संसद से लेकर इंडिया गेट तक घुमाएगी, जानें सब

सुल्तानपुर के ये इलाके हैं सबसे किफायती, 2500 से 5000 में मिल जाएगा कमरा

बहराइच की पांच सुरक्षित और सुविधाजनक कॉलोनियां, जो लोगों की पहली पसंद

और देखें

ताज़ा समाचार

मेष राशि वालों लव लाइफ को लेकर रहें सतर्क, सेहत का रखें ख्याल, जानें उपाय

प्रेम में मिलेगी जीत, परिवार में बजेगी खुशियों की घंटी, जानें कैसा रहेगा दिन

कर्क राशि वालों के लिए तरक्की भरा रहेगा आज का दिन, जानें उपाय

1000 कुत्तों के लिए बनेगा शेल्टर, बरेली में सुरक्षा और सहूलियत की उम्मीद

वृश्चिक राशि वाले आज न लें कोई बड़ा फैसला! धैर्य की होगी परीक्षा

और पढ़ें
होमटी20 वर्ल्ड कपलाइव टीवीलोकल