Dilip Kumar : एक्टिंग की चलती फिरती पाठशाला थे दिलीप कुमार, जानिए अपनी विरासत के लिए किस पर जताया था भरोसा
एक्टिंग की चलती-फिरती पाठशाला कहे जाने वाले दिलीप कुमार (Dilip Kumar) और सायरा बानो की कोई औलाद नहीं है. भरे पूरे परिवार में दिलीप कुमार के कई भतीजे-भतीजियां हैं. हालांकि कोई भी एक्टिंग की दुनिया में नहीं आया है. लेकिन अपनी शानदार विरासत को आगे ले जाने के लिए दिलीप साहब को अगली पीढ़ी पर भरोसा था.
दिलीप कुमार (Dilip Kumar) एक ऐसे दिग्गज अभिनेता थे जिन्हें देख-देख कर ना कितने एक्टर्स ने एक्टिंग का ककहरा सीखा. दिलीप साहब की हर अदा निराली थी. उन्होंने जो भी पर्दे पर दिखाया वह सब उनका खुद का स्टाइल था. दिलीप कुमार ने शोहरत और दौलत दोनों ही कमाई. एक्टिंग की चलती फिरती पाठशाला कहे जाने वाले दिलीप साहब ने एक शानदार विरासत बनाई है. हालांकि दिलीप कुमार और सायरा बानो (Saira Banu) की कोई अपनी औलाद नहीं है, ऐसे में कई बार सवाल उठता है कि उनकी विरासत को कौन आगे ले जाएगा. इसका जवाब खुद एक्टर ने बरसों पहले एक इंटरव्यू में दिया था.
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में दिलीप कुमार ने बताया था, ‘यह बहुत अच्छा होता अगर हमारे कोई औलाद होती लेकिन हमें इसका कोई मलाल नहीं है. ये सब ऊपरवाले पर है. जहां तक अधूरेपन की बात है तो न तो मुझे ना ही सायरा को किसी तरह की शिकायत है. हमारे सुख-दुख को बांटने के लिए हमारी फैमिली है. हमारा लंबा चौड़ा खानदान है, कई भतीजे-भतीजियां हैं. सायरा का छोटा परिवार है. उसके भाई सुल्तान, उनके बच्चे और पोते-पोतियां हैं. जब जरूरत होती है तो हम उनके लिए और वह हमारे लिए होते हैं.’
दिलीप कुमार की विरासत को आगे ले जाने वाले हैं तैयार
जब दिलीप कुमार से पूछा गया कि आपकी विरासत को कौन आगे ले जाएगा तो उन्होंने कहा था, ‘मैं देखता हूं कि कई सारे एक्टर हैं जो मेरी विरासत को आगे ले जाने के लिए इच्छुक हैं. जब कोई नया एक्टर मेरे पास आता है और कहता है कि ‘सर मैं आपके काम को फॉलो करता हूं और आपके बताए पदचिह्नों पर चलना चाहता हूं तो मैं ऊपरवाले का शुक्रिया अदा करता हूं कि जिस रास्ते पर चलने के लिए मेरी कोई तैयारी नहीं थी उसे आगे ले जाने वाले तैयार है.’
दिलीप कुमार एक नेचुरल एक्टर थे.
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दिलीप कुमार की विरासत हर वो कलाकार आगे ले जाएगा जिस जिस ने उनसे संवाद अदायगी सीखी, डायलॉग बोलते समय ठहराव सीखा और भाव भंगिमा के साथ प्रणय निवेदन करना सीखा. दिलीप कुमार का हर स्टाइल अपने आप में अनोखा था, जो उन्होंने खुद ही बनाई थी. फिल्म समीक्षक आज भी कहते हैं कि दिलीप कुमार ने ही सबसे पहले दिखाया कि पर्दे पर नेचुरल एक्टिंग क्या होती है. इस फन को कई बॉलीवुड एक्टर्स ने अपनाया भी. दिलीप कुमार के बाद कई एक्टर्स ने उनकी अदाकारी को एक चुनौती के रूप में लिया और काफी कुछ सीखा.
