'तस्करी' में नंदीश संधू का ग्रे रोल, सीरीज में काम करने का बताया अनुभव, कहा- खामोशियां डायलॉग से ज्यादा बोलती हैं
अपकमिंग सीरीज 'तस्करी' इन दिनों काफी सुर्खियों में है, खासकर अभिनेता नंदीश संधू के अनोखे अंदाज को लेकर. इस सीरीज में नंदीश का किरदार ग्रे शेड है, जो न तो पूरी तरह सही है और न ही गलत. अपने अनुभव साझा करते हुए नंदीश ने एक बहुत ही दिलचस्प बात कही कि खामोशियां डायलॉग से ज्यादा बोलती हैं. नंदीश के मुताबिक, उनका किरदार काफी पेचीदा है और उसे निभाने के लिए उन्हें शब्दों से ज्यादा अपने हाव-भाव पर भरोसा करना पड़ा.
नई दिल्ली. बॉलीवुड स्टार इमरान हाशमी की लेटेस्ट वेब सीरीज ‘तस्करी’ सुर्खियां बटोर रही है. यह सीरीज अपराध और कानून की दुनिया के पेचीदा रिश्तों को पर्दे पर उतारती है. इसमें एक्टर नंदीश संधू एक चुनौतीपूर्ण भूमिका में हैं- एक ऐसा शख्स जो बाहर से सख्त दिखता है, लेकिन अंदरूनी उलझनों और कठिन हालातों से लड़ रहा है. बेहतरीन निर्देशन और गहराई से की गई रिसर्च पर आधारित इस सीरीज को लेकर नंदीश ने हाल ही में बातचीत की और अपने अनुभव साझा किए.
आईएएनएस के साथ बातचीत में नंदीश संधू ने कहा, ‘मुझे सबसे पहले तस्करी की कहानी ने आकर्षित किया. निर्देशक नीरज पांडे और उनकी टीम ने जिस तरह से गहन रिसर्च के साथ कहानी तैयार की, वह पढ़ने में शुरू से ही खास लगी. पढ़ते ही किरदारों की दुनिया आंखों के सामने आनी लगी. मुझे मेरा किरदार रविंद्र गुर्जर बेहद पसंद आया. इस किरदार का पूरा अतीत, उसकी सोच, उसके रिश्ते और उसका व्यवहार बहुत सलीके से गढ़ा गया है. इससे दर्शक यह समझ पाएंगे कि वह जैसा है, वैसा क्यों है.’
नंदीश संधू को पसंद हैं ग्रे कैरेक्टर्स
समकालीन सिनेमा और नैतिक रूप से धुंधले किरदारों की तैयारी पर बात करते हुए नंदीश ने कहा, ‘मुझे ऐसे ही किरदार सबसे ज्यादा पसंद आते हैं, जिनकी खामोशियां डायलॉग से ज्यादा बोलती हों. जब किरदार सिर्फ अच्छे या बुरे में बंटे हों, तो अभिनय सीमित हो जाता है, लेकिन जब उनके भीतर विरोधाभास, चुप्पियां और अनकहे भाव होते हैं, तभी असली अभिनय की गुंजाइश बनती है.’
लेखन और निर्देशन टीम का मिला पूरा सपोर्ट
उन्होंने बताया कि ‘तस्करी’ में उन्हें लेखन और निर्देशन टीम से भरपूर सहयोग मिला. स्क्रिप्ट में उनके किरदार की असुरक्षाएं, डर और कमजोरियां साफ तौर पर लिखी थीं. इसके अलावा, कलाकारों को असली कस्टम अधिकारियों से मिलने का मौका दिया गया. इससे किरदार को समझने में काफी मदद मिली. सह-निर्देशक राघव के साथ काम करने के अनुभव पर नंदीश ने कहा, ‘वह बेहद स्पष्ट सोच वाले निर्देशक हैं. उनकी तैयारी और रिसर्च में कोई कमी नहीं थी. सेट पर हर सवाल का सटीक जवाब मिलता था, जिससे काम करना आसान और संतोषजनक हो गया.’
नंदीश संधू ने अपने किरदार को लेकर की बात
अपने किरदार के बारे में एक्टर बोलते हैं, ‘कहानी में हर एक कदम के पीछे ठोस वजह है. कुछ भी यूं ही नहीं होता. ट्रेलर में दिखने वाले भावनात्मक और एक्शन सीन्स इस बात का संकेत देते हैं कि हर किरदार अपने हालात और सोच के अनुसार फैसले लेता है. मेरा किरदार किसी एक पक्ष में खड़ा नजर नहीं आता, बल्कि उसकी परतें धीरे-धीरे खुलती हैं.’
नीरज पांडे को लेकर कही ये बात
नंदीश ने बताया, ‘सीरीज में एक इमोशनल सीन ऐसा था, जिसे एक बेहद थकाऊ एक्शन सीन के तुरंत बाद फिल्माया गया. रात की शूटिंग, बिना आराम के, शारीरिक और मानसिक थकान के बावजूद उस सीन ने एक अलग ही सच्चाई पकड़ी. निर्देशक नीरज पांडे अंडरटोन और साइलेंस पर खास ध्यान देते हैं, जो कलाकार को अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकालता है.’