गुमला में आगामी 29 जून को विशेष लोक अदालत का आयोजन, कई वर्षों से लंबित पड़े वादों का होगा तत्काल निपटारा
विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के द्वारा गुमला जिले में आगामी 29 जून दिन शनिवार को विशेष लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है. यह लोक अदालत का आयोजन सिविल कोर्ट परिसर, गुमला में होगी.
गुमला. विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के द्वारा गुमला जिले में आगामी 29 जून दिन शनिवार को विशेष लोक अदालत का आयोजन होने जा रहा है. यह लोक अदालत का आयोजन सिविल कोर्ट परिसर, गुमला में होगी. इस विशेष लोक अदालत का आयोजन सुबह 8 बजे से होगी. इस विशेष लोक अदालत में भूमि से संबंधित राजस्व मामले, भूमि अधिग्रहण मामले, विस्थापन मामले, विस्थापन मामलों में मुआवजा मामले, अन्य सहायक मामलेके वादों का निपटारा किया जाएगा.
लोक अदालत में आए मामलों में दोनों पक्षकार की जीत होती है. इसमें कोई पक्ष नहीं हारता है और यहां जो भी मामले आते हैं, उसका निश्चित ही निष्पादन होता है. इसकी अपील कहीं नहीं होती है, ऐसी स्थिति में दोनों पक्षकारों के समय और पैसे की बचत होती है. इसलिए इस लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंच कर अपने वादों का निपटारा करा सकते हैं और इस सुनहरा अवसर का लाभ उठा सकते हैं.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के सचिव रामकुमार लाल ने लोकल 18 को बताया कि झालसा के निर्देशानुसार 29 जून 2024 को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा. बताते चलें कि मासिक के अंत में अदालत का आयोजन किया जाता है, उसी तिथि को विशेष लोक अदालत का भी आयोजन किया जा रहा है. इसमें भूमि ,राजस्व ,भू अधिग्रहण एवं जिसकी नेशनल हाईवे में जमीन चली गई है, उससे संबंधित जो भी मामले हैं व राजस्व से संबंधित जो भी वाद हैं. उन मामलों को इस विशेष लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा संख्या में सुलह के आधार पर निस्पादन करने का प्रयास किया जाएगा. इसलिए इस विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया है.
जिला में होने वाले इस विशेष लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों का निपटारा हो सके. इसके लिए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गुमला के ध्रुव चंद्र मिश्र के द्वारा बैठक का भी आयोजन किया गया. इसमें भू अर्जन से संबंधित मामलों को अधिक से अधिक निपटारा हो सके, इसके लिए संबंधित सभी कर्मियों को प्रयास करने की अपील की है. इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है. इसमें जो मामले आते हैं, उसे सुलह समझौता के आधार पर तुरंत निष्पादन किया जाता है. जिसमें दोनों पक्षकार उपस्थित होते हैं,और उनकी सहमति से ही मामले का निष्पादन किया जाता है.
