आसाराम बापू के बेटे नारायण साईं ने कैसे खड़ा किया 5000 करोड़ का धार्मिक साम्राज्य
नारायण साईं की पत्नी ने भी बाद में उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए. उसने चुनाव लड़ने के लिए यूपी में राजनीतिक पार्टी भी बनाई थी
सूरत कोर्ट ने साध्वी से रेप मामले में नारायण साईं को उम्रकैद की सजा सुनाई है. आसाराम बापू की गिरफ्तारी के बाद से ही उनका बेटा नारायण साईं चर्चाओं में घिरा रहा है. उसके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं. आसाराम बापू की तरह वो भी धर्म के नाम पर तरह तरह के स्वांग रचाने में माहिर रहा है. उसने कुछ ही सालों में आध्यात्मिक साम्राज्य के बल पर मोटी संपत्ति इकट्ठा कर ली थी
नारायण साईं 46 साल का है. वो खुद को भारतीय अध्यात्मिक सत्संगकर्ता कहता है. पिछले कुछ सालों से वो सूरत जेल में बंद है. वो आसाराम बापू का इकलौता बेटा है. उसकी पढाई लिखाई नौवीं कक्षा तक हुई है.
धार्मिक प्रवचन और देश विदेश की यात्राएं
नारायण साईं का पूरा नाम नारायण हरपलानी है. लेकिन अनुयायियों के बीच उसे नारायण साईं के नाम से जाना जाता रहा है. वो भी अपने पिता की तरह धार्मिक प्रवचन करता रहा है. इस सिलसिले में वो लगातार तमाम देशों की यात्राएं करता रहा है. वहां ध्यान और योग शिविर आयोजित करता रहा है.
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पिता की तरह बड़ा आध्यात्मिक साम्राज्य
पिता के अलावा नारायण साईं ने अपना आध्यात्मिक साम्रज्य भी खड़ा कर लिया था. दिल्ली, गुजरात समेत राजस्थान, बिहार, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मुरादाबाद, आगरा, बरेली, लखनऊ, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, उझानी समेत कई जगहों पर उसके 60 से ज्यादा आश्रम हैं.
कब संकट में घिरा
नारायण साईं तब संकट में घिर गया जब पिता आसाराम की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ सूरत में दो बहनों ने जहांगीरपुरा पुलिस चौकी में रेप की शिकायत दर्ज कराई. पीडि़त बहनों में से छोटी ने शिकायत दर्ज कराई है कि 2002 से 2005 के दौरान नारायण साईं ने कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया. जबकि बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ़ शिकायत दर्ज कराई थी. उसकी शिकायत के अनुसार, 1997 से 2006 तक अहमदाबाद के आश्रम में आसाराम ने बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया था.
ये मामला नारायण साईं पर बहुत भारी पड़ा. बाद में जो मेडिकल साक्ष्य पेश हुए, उसके आधार पर साबित हो गया कि नारायण साईं ने संबंध स्थापित किए थे.
नारायण साईं केवल नौवीं तक पढ़ा है लेकिन पिता की तरह धार्मिक प्रवचन कर उसने बड़ा साम्राज्य खड़ा कर लिया
चुनाव पार्टी बनाई और जमानत मांगी
नारायण साईं ने जनवरी 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अपनी उम्मीदवारी के लिए कोर्ट में अर्जी देकर जमानत की अपील की थी. याचिका में उसने ज़िक्र किया था वो उत्तर प्रदेश की दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ना चाहता है. चुनावी तैयारियों की देखरेख के लिए उसे कुछ दिनों के लिए जेल से रिहा किया जाए. हालांकि कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका ख़ारिज कर दी थी. ये चुनाव नारायण साईं अपनी खुद की पार्टी ओजस्वी पार्टी के बैनर लड़ना चाहता था. उसने चुनाव में इस पार्टी के बैनर तले कुछ उम्मीदवार भी खड़े किए लेकिन सभी हार गए.
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कितनी है संपत्ति
गुजरात पुलिस का अनुमान है कि नारायण साईं के पास कुल 5000 करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति और निवेश हैं. वो देशभर में जमकर जमीन खरीदता था या आश्रम के नाम पर उस पर कब्जा कर लेता था. उसके अनुयायी भी काफी बड़ी संख्या में थे. चढ़ावे के तौर पर भी उसके पास काफी धन आता था.
रिपोर्ट दबाने के लिए की थी करोड़ों की पेशकश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नारायण साईं के खिलाफ आश्रम की एक युवती ने 6 अक्टूबर 2013 को बलात्कार का मामला दर्ज कराया था. इसके बाद नारायण साईं ने इस मामले को दबाने के लिए थाना प्रमुख को 13 करोड़ रुपये की रिश्वत भी दी थी. बाद में घूसखोर पुलिस अधिकारी से 5 करोड़ रुपये नगद और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में जब नारायण साईं की हरकतों का खुलासा हुआ तो उसकी पत्नी जानकी ने पति और ससुर के खिलाफ प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए.
पत्नी ने क्या शिकायत की थी
साईं की पत्नी जानकी ने शिकायत में कहा था कि नारायण हरपलानी से उसकी शादी 22 मई 1997 को हुई थी. लेकिन शादी के इस बंधन में बंधने के बाद भी उसके पति ने उसकी निगाहों के सामने कई महिलाओं से नाजायज संबंध कायम किए. इससे उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी.
यही नहीं, जानकी ने ये आरोप भी लगाया था, नारायण साईं धर्म के नाम पर ढोंग करता है. उसने आश्रम की एक साधिका से अवैध संबंध बनाए. जब यह साधिका गर्भवती हो गई तो उसने मुझसे कहा कि वो दूसरी शादी करना चाहता है.
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