इस लव स्टोरी ने ली थी नेपाल राजघराने के 10 लोगों की जान, सिंधिया परिवार से भी है कनेक्शन
वर्ष 2001 में नेपाल राजघराने में हुई 10 हत्याओं से पूरी दुनिया हिल गई थी. इस हत्या के पीछे थी एक लव स्टोरी. जो लड़की इस लव स्टोरी के केंद्र में थी. वो थीं देवयानी राणा, जिनका गहरा रिश्ता ग्वालियर के सिंधिया राज परिवार से भी है
ग्वालियर का सिंधिया राजपरिवार भारतीय राजनीति में आजादी के बाद से हमेशा चर्चा में रहा है. ग्वालियर राजघराने के ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ बीजेपी में जाने से चर्चाओं में हैं. उनकी दो बुआ भी राजनीति में सक्रिय हैं. इस राजघराने का लिंक नेपाल से उस मशहूर परिवार से भी है, जिसकी देवयानी राणा तब चर्चाओं में आईं थीं, जब एक लव स्टोरी के चलते समूचे नेपाली राज परिवार की हत्या हो गई थी.
लेकिन माधवराव सिंधिया की बड़ी बहन ऊषा राजे सिंधिया की चर्चा कम होती है. ऊषा राजे सिंधिया की शादी नेपाल के राणा राजघराने में हुई थी और उसके बाद वो वहीं सेटल हो गईं. ऊषा किरण का नाम भारतीय मीडिया में साल 2001 में काफी आया था. इसका कारण थीं उनकी बेटी देवयानी राणा.
नेपाली राजशाही
तब नेपाल में राजशाही थी और वहां के राजा थे वीरेंद्र सिंह शाह. वीरेंद्र सिंह के सबसे बड़े बेटे दीपेंद्र सिंह शाह को देवयानी राणा से प्रेम हो गया था. वो चाहते थे कि उनकी शादी देवयानी के साथ कर दी जाए लेकिन राजपरिवार इस बात के लिए तैयार नहीं था. बताया जाता है कि राजा वीरेंद्र सिंह का मानना था कि देवयानी राणा का परिवार उनसे जाति में छोटा है. काफी समय तक दीपेंद्र अपने परिवार को मनाने की कोशिश करते रहे. कहते हैं परिवार के न मानने की वजह से दीपेंद्र गुस्से से भर उठा और उसने अपने पूरे परिवार को गोलियों से भुन डाला.
कई कारण रहे चर्चा में
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक दीपेंद्र द्वारा परिवार की हत्या को लेकर कई कारण बताए गए लेकिन देवयानी की स्टोरी नेपाल में सबसे ज्यादा प्रचलित है. इस घटना को बीस साल बीत चुके हैं लेकिन आज भी नेपाल में इस पर खूब चर्चा होती है.
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक दीपेंद्र और देवयानी की शादी के खिलाफ नेपाल की महारानी भी थीं. राजा वीरेंद्र की पत्नी ऐश्वर्या को इस शादी से दिक्कत थी. कहा जाता है कि राजा वीरेंद्र सिंह ने दीपेंद्र को धमकी भी दी थी कि अगर उसने देवयानी से शादी की तो उसे राजा नहीं बनाया जाएगा. मतलब साफ था कि दीपेंद्र को राजपरिवार त्यागना पड़ता. कहा ये भी जाता है कि दीपेंद्र ने देवयानी के साथ गुप्त रूप से शादी भी कर ली थी.
भविष्यवाणी
एक कहानी ये भी है कि दीपेंद्र और देवयानी की शादी को लेकर एक पंडित ने भविष्यवाणी की थी कि अगर दोनों की शादी हुई तो बहुत बड़ी आपदा परिवार पर आ सकती है.
और फिर वो काली रात
दीपेंद्र और उनके परिवार के रिश्तों में इसे लेकर इतनी तल्खी आ गई थी कि 1 जून 2001 को उन्होंने अपने पूरे परिवार को खत्म कर डाला. नेपाली राजमहल में एक पार्टी का आयोजन था और उसी में दीपेंद्र ने परिवार के सदस्यों को गोलियों से भुन डाला था. दीपेंद्र ने खुद को भी गोली मार ली थी और तीन दिन बाद उनकी भी मौत हो गई थी.
इस घटना के बाद देवयानी अवसाद का शिकार हो गई थीं. वो तुरंत भारत आ गई थीं. बाद में 2004 में देवयानी ने लंदन स्कूल ऑफ इकॉनोमिक्स से दूसरी बार मास्टर डिग्री हासिल की. इस घटना के करीब सात साल बाद देवयानी और सिंहरौली के राजकुमार कुंवर ऐश्वर्य सिंह की शादी हुई थी. राजकुमार ऐश्वर्य सिंह मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की बेटी वीणा सिंह के बेटे हैं. साल 2017 की एक रिपोर्ट के मुताबिक देवयानी राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी नेपाल की राजनीति में सक्रिय हैं. हालांकि नेपाली राजमहल में हुई हत्याओं को लेकर देवयानी के परिवार की तरफ से हमेशा इंकार किया जाता रहा है.
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