आपका कौन सा पर्सनल डेटा चुरा रहीं, एप्पल, फेसबुक और अमेजन?
सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस दौर में हमारा नाम से लेकर क्रेडिट कार्ड तक की जानकारी क्या सुरक्षित हैं? जानिए इंटरनेट पर आपकी क्या-क्या निजी जानकारियां दांव पर हैं?
पूरी दुनिया में पर्सनल डेटा की सुरक्षा को लेकर बहस छिड़ी पड़ी है. फेसबुक के मुखिया जकरबर्ग तक को इससे जुड़े कठिन सवालों का सामना करना पड़ रहा है. सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस दौर में हमारे नाम से लेकर क्रेडिट कार्ड तक की जानकारी क्या वाकई सुरक्षित हैं? जानिए इंटरनेट पर आपकी क्या-क्या निजी जानकारियां दांव पर लगी हैं?
अगर आप गूगल से पूछें कि वो आपके बारे में क्या-क्या जानता है तो इसका जवाब आपको असहज कर सकता है. आपके हर क्लिक से लेकर, विज्ञापन की पसंद, बर्थडे की तारीख, आपकी डिवाइस और आपका वाई-फाई नेटवर्क तक सबकी जानकारी गूगल के पास मौजूद है.
आगे समझिए कि दुनिया की 6 सबसे बड़ी कंपनियां आपकी कौन सी जानकारियां जमा करती हैं. इसके साथ ही ये बात वो कंपनियां आधिकारिक तौर पर मानती हैं. इन जानकारियों में निजी से लेकर ऑफिशियल सब शामिल हैं. कैम्ब्रिज एनेलेटिका स्कैंडल से लेकर एप्पल की सप्लाई चेन तक निजी डेटा पर खतरे के कई मामले सामने आ चुके हैं. बड़ी कंपनियां भी इस मामले में निशाने पर हैं.
बड़े खतरे से कम नहीं, घर में वाई-फाई की मौजूदगी
होम सिक्योरिटी से लेकर साइबर सिक्योरिटी तक पर काम करने वाली कंपनी सिक्योरिटी बेरॉन ने बड़ी टेक कंपनियों की तुलना की है. इसमें उन्होंने गूगल, फेसबुक, एप्पल, टि्वटर, अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट द्वारा आधिकारिक रूप से जमा करने वाले निजी डेटा की जानकारी दी है.
एप्पल, गूगल, फेसबुक और टि्वटर सबसे पास आपका डेटा
सिक्योरिटी बेरॉन की रिपोर्ट के मुताबिक तमाम कंपनियां आपकी वॉइस और फेशियल फीचर्स तक का डेटा अपने पास सुरक्षित रखती हैं. अगर टि्वटर की बात करें तो वो आपका नाम, जेंडर और बर्थडे की जानकारी सुरक्षित रखता है. आपके डिवाइस की भी पूरी जानकारी मौजूद होती है.
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फेसबुक के पास विस्तृत जानकारी मौजूद!
यूजर्स की निजी जानकारियां बेचे जाने के आरोपों के बाद भी फेसबुक आपके वंश, धर्म, फिजिक्ल लोकेशन, शिक्षा, इनकम लेवल, काम, रिलेशनशिप स्टेटस और राजनीतिक विचाराधार तक की जानकारी जुटाता है. इस डेटा को विज्ञापनदाता और अन्य लोग इस्तेमाल करते हैं.
अमेजन के पास भी निजी डेटा
क्रेडिट कार्ड की जानकारियों के अलावा अमेजन सर्च इंजन के जैसे काम करता है. आप क्या खरीद रहे हैं, कहां क्लिक कर रहे हैं और आपने पहले क्या-क्या खरीदा, अमेजन के पास सारी जानकारी मौजूद है.
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डेटा चुराने में गूगल कहीं आगे
गूगल और माइक्रोसॉफ्ट दोनों डेटा चोरी के मामले में कहीं आगे हैं. गूगल जीमेल के जरिए आपके सारे मेल और कॉन्टेक्ट्स की जानकारी रखता है. मैप्स के जरिए गूगल आपके आने-जाने की हर जानकारी रखता है. अगर एप्पल की बात करें तो वो अपने यूजर्स की ज्यादा जानकारी नहीं जमा करता है. वो बस यूजर्स के मैसेज भेजने के दौरान मेटा-डेटा ट्रैक करता है.
