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कौन सा फल खाता है इंसान का मांस, शरीर में जाकर कैसे करता है काम

कौन सा फल खाता है इंसान का मांस, बिना जानकारी के आपने भी स्‍वाद लेकर खाया होगा

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Human flesh Eater Fruit : स्‍वादिष्‍ट और रसभरे फल के सेवन से निश्चित रूप से सेहत अच्छी बनती है. क्‍या आपको पता है कि एक फल ऐसा है, जो मुंह में जाते ही इंसान के मांस को खाना शुरू कर देता है. ये फल भारत में भी खूब पाया जाता है. आइये जानते है इस फल के बारे में..

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Flesh eater fruit: अंग्रेजी की एक कहावत है, ‘एन ऐपल अ डे, कीप डॉक्‍टर अवे’ यानी अगर आप रोज एक सेब खाते हैं तो आपको डॉक्‍टर के पास जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. ये कहावत हमारे दिनचर्या में फलों के सेवन की अहमियत को भी स्‍पष्‍ट करती है. डॉक्‍टर्स कहते हैं कि अगर आप खाने से कुछ देर पहले फल और सलाद का सेवन करते हैं तो आपकी सेहत अच्‍छी रहेगी. वहीं, स्‍वादिष्‍ट और रसदार फल खाना ज्‍यादातर बच्‍चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद होता है. नियमित तौर पर जिम जाने वाले लोग या किसी भी तरह से शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए फल खाना काफी अच्‍छा बताया जाता है. लेकिन, क्‍या आपने सुना है कि एक ऐसा फल भी होता है, जो इंसान का मांस खाता है?

ज्यादातर लोगों को स्वाद और रस से भरे फल खाना काफी पसंद होता है. हालांकि, एक फल ऐसा भी है, जो शरीर में पहुंचते ही आपका मांस खाना शुरू कर देता है.

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इंसान का मांस खाने वाला ये फल भारत में भी खूब पाया जाता है. आप फलों के शौकीन हों या नहीं, लेकिन कभी ना कभी आपने भी ये फल जरूर खाया होगा. अगर फल नहीं खाया होगा तो इसका जूस तो पीया ही होगा. हम बात कर रहे हैं अनन्‍नास की. लोग अनन्‍नास को खूब स्‍वाद लेकर खाते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि हमने तो बहुत बार अनन्‍नास खाया है, लेकिन इसने हमारा मांस तो कभी नहीं खाया. जानते हैं कि ये इंसान का मांस कैसे खाता है? अनन्‍नास शरीर में पहुंचकर किस तरह काम करता है? इस फल को पहली बार किसने पैदा किया था?

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अनन्‍नास कैसे खाता है इंसान का मांस
अगर आप अनन्‍नास का 10 से 20 ग्राम का टुकड़ा रोज खाते हैं तो इसमें मौजूद खास प्रोटीन शरीर के अंदर मौजूद गंदे मांस को खत्म करना शुरू कर देता है. लंबे समय तक रोज अनन्‍नास खाने से आपके शरीर से खराब मांस खत्म हो जाता है. ये ना केवल आपकी चर्बी कम करता है, बल्कि पेट का मोटापा भी घटाता है. इससे शरीर ऊर्जावान महसूस होने लगता है. अनन्‍नास में औषधीय गुण भी होते हैं. ये शरीर के भीतर मौजूद विषैले तत्‍वों को बाहर निकालता है. इसमें क्लोरीन भी भरपूर मात्रा में पाई जाती है. ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि हर बार जब आप अनन्‍नास खाते हैं तो यह आपका थोड़ा सा हिस्सा खा जाता है.

अनन्‍नास में मौजूद खास प्रोटीन शरीर के अंदर मौजूद गंदे मांस को खत्म करना शुरू कर देता है.

अनन्‍नास में क्‍या-क्‍या पाया जाता है
अनन्‍नास में साइट्रिक और मैलिक एसिड होते हैं. ये दोनों मुंह के ऊतकों के लिए बहुत ही मामूली नुकसान पहुंचाते हैं. अनन्‍नास में एक प्रोटीयोलाइटिक एंजाइम ब्रोमेलिन होता है. ये एंजाइम प्रोटीन अणुओं को तोड़ने में मदद करता है. एंजाइम की मौजूदगी में अनन्‍नास के एसिड इंसानी मांस को बहुत तेजी से तोड़ना शुरू कर देते हैं. ताजे कटे अनन्‍नास के टुकड़े खाने के बाद आपको जीभ ऐसी महसूस होती है, जैसे अभी-अभी टंग क्‍लीनर से काफी जोर से खुरच दी हो. गालों के अंदरूनी हिस्‍से में भी कुछ ऐसा ही महसूस होता है. दरअसल, ऐसा अनन्‍नास के मुंह के भीतर कुछ ही सेकंड में आंशिक रूप से पचने और उसके एसिड्स के कारण होता है.

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कहां शुरू हुई अनन्‍नास की पैदावार
मीट इंडस्‍ट्री में अनन्‍नास पाउडर का इस्‍तेमाल मीट टेंडराइजर के तौर पर किया जाता है. वहीं, अगर आप बहुत ज्‍यादा प्रोटीन वाला भोजन करते हैं तो अनन्‍नास उसको बेहतर तरीके से पचाने में मदद कर सकता है. लिहाजा, खाना खाने के बाद अनन्‍नास का एक टुकड़ा या ताजा रस पीना फायदेमंद साबित हो सकता है. यहां ये ध्‍यान रखना जरूरी है कि केवल ताजा रस या स्लाइस ही फायदा करेगी, क्‍योंकि हवा के संपर्क में आने के बाद ब्रोमेलिन जल्द ही टूट जाता है. अगर अनन्‍नास को पकाया या डिब्बाबंद किया जाए तो इसमें मौजूद एंजाइम से मिलने वाले फायदे कम हो जाते हैं. अनन्‍नास या पाइनऐपल दक्षिणी अमेरिका में जनजातियों ने उपजाना शुरू किया था. इसे पुर्तगाली और सपेनिश लोगों ने बाकी दुनिया में फैलाया.

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अनन्‍नास के सेवन से मिलते हैं कई लाभ
अगर आपको एसिडिटी की समस्‍या रहती है तो अनन्‍नास का रस पीने से आपको फायदा मिल सकता है. वहीं, अनन्‍नास के पत्तों का काढ़ा दस्त रोक देता है. इसका जूस पाचन तंत्र को मजबूत करता है. अगर किसी को खांसी है तो उसे अनन्‍नास के जूस में शहर और जीरा मिलाकर दें. वहीं, भूख नहीं लगने की शिकायत रहती है तो लगातार एक हफ्ते अनन्‍नास का जूस पीने से खाना खाने की इच्‍छा होने लगती है. माना जाता है कि सांस की बीमारी और पीलिया में भी अनन्‍नास का जूस पीना फायदेमंद होता है. हालांकि, ज्‍यादा मात्रा में अनन्‍नास के टुकड़े या जूस का सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है. लिहाजा, रोज सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.

अनन्‍नास में काफी मात्रा में मैग्‍नीशियम पाया जाता है. यह शरीर की हड्डियों को मजबूत करता है.

कैंसर के खतरे को कम करता है अनन्‍नास
अनन्‍नास में काफी मात्रा में मैग्‍नीशियम पाया जाता है. यह शरीर की हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर को ऊर्जा प्रदान करने का काम करता है. एक प्याला अनन्‍नास का रस पीने से दिनभर की जरूरत का 75 फीसदी मैग्नीशियम मिल जाता है. अनन्‍नास में पाया जाने वाला ब्रोमिलिन सर्दी, खांसी, सूजन, गले में खराश और गठिया में फायदेमंद होता है. अनन्‍नास आंखों की रोशनी के लिए भी फायदेमंद बताया जाता है. ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों के अध्‍ययनों के मुताबिक, अनन्‍नास कैंसर के खतरे को भी कम करता है. ये हाइ्र एंटीआक्सीडेंट का सोर्स है. इसमें विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.

About the Author

Amrit Chandra
1999 से फ्रीलांस और 2004 से मेनस्‍ट्रीम मीडिया में सक्रिय हैं. ऑल इंडिया रेडियो और प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले तीन साल से ज्‍यादा समय से News18Hindi में बतौर Associate Editor कार्यरत हैं. पिछले एक साल से बिजनेस, ऑटो और मोबाइल-टेक सेगमेंट्स की जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. बिज़नेस, राजनीति, स्‍पोर्ट्स के साथ ही रिसर्च बेस्‍ड स्‍टोरीज पर अच्छी पकड़ है. News18 Hindi से पहले अमर उजाला में सेंट्रल डेस्‍क हेड, दैनिक भास्‍कर डिजिटल में रिसर्च एडिटर, दैनिक जागरण में सेंट्रल डेस्‍क, बिजनेस डेस्‍क व स्‍पोर्ट्स डेस्‍क, बिजनेस भास्‍कर में पर्सनल फाइनेंस डेस्‍क हेड, आज समाज में बिजनेस एडिटर के साथ दिल्‍ली मेट्रो एडिटर, दैनिक भास्‍कर चंडीगढ़ में सिटी डेस्‍क हेड के साथ पंचकूला भास्‍कर इंचार्ज व संडे एडिटर की जिम्‍मेदारी संभाली. इसके अलावा आइडिएशन सेल के हेड के तौर पर भी काम किया. इससे पहले अमर उजाला कानपुर में बिजनेस, इंडस्‍ट्री रिपोर्टर के साथ ही बसपा बीट पर भी काम किया. इससे पहले देहरादून में भी बतौर रिपोर्टर काम किया. इसके पहले कुछ समय ज़ी न्‍यूज चैनल में भी काम किया. शुरुआत फ्रीलांस जर्नलिस्‍ट के तौर पर की. इस दौरान ऑल इंडिया रेडियो, दैनिक जागरण, अमर उजाला, दैनिक आज, जनसत्‍ता के लिए लिखा.
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