वो सीनियर महिला IAS, जो देशभर में कोरोना वायरस को लेकर हैं सुर्खियों में
प्रीति सूदन दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम AYUSHMAN BHARAT YOJNA की प्लानिंग और क्रियान्वयन का भी मुख्य हिस्सा रही हैं.
भारत में कोरोना महामारी से निपटने के प्रयासों के दौरान प्रीति सूदन (Preeti Sudan) का नाम तकरीबन हर रोज मीडिया में सुर्खियां बनता है. प्रीति सूदन इस समय केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव हैं हैं. कोरोना की रोकथाम को लेकर इस समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय देश के हर राज्य के साथ समन्वय के साथ काम कर रहा है.
प्रवासी मजदूरों को लेकर राज्यों को लिखा था खत
ऐसे में स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन पर राज्य और केंद्र के मंत्रालय के बीच समन्वय बिठाने की जिम्मेदारी होती है. अप्रैल की शुरुआत में जब लॉकडाउन की वजह से बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूरों ने अपने घरों की ओर लौटना शुरू किया था तब प्रीति सूदन ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को खत लिख प्रवासी मजदूरों का खयाल रखने के लिए कहा था.
दिल्ली-उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थिति आनंद विहार बस अड्डे पर घर जाने को आतुर लोगों की भीड़.
आनंद विहार स्टेशन पर बड़ी संख्या में जुटे थे मजदूर
प्रवासी मजदूरों के दिल्ली के आनंद विहार स्टेशन पर बड़ी संख्या में इकट्ठे हो जाने के कारण बड़ा हंगामा हुआ था. फिर ऐसी ही खबरें महाराष्ट्र से भी आई थीं. दरअसल लॉकडाउन की घोषणा के बाद प्रवासी कामगार व दिहाड़ी मजदूरों पर संकट आ गया और ये पैदल ही अपने पैतृक गांवों की ओर भूखे-प्यासे चल पड़े थे.
सप्रीम कोर्ट का निर्णय
मामले में उच्चतम न्यायालय में दायर याचिका के तहत मजदूरों को भोजन और आश्रय प्रदान करने के लिए सुनवाई हुई थी. स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के पालन के लिए सभी राज्यों को खत लिखा था.
आयुष्मान भारत योजना का मुख्य हिस्सा
1983 बैच की आंध्र प्रदेश कैडर की आईएस प्रीति सूदन को बिजनेस वर्ल्ड ने भारत की सर्वाधिक प्रभावशाली महिलाओं की सूची में जगह दी थी. प्रीति सूदन दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम AYUSHMAN BHARAT YOJNA की प्लानिंग और क्रियान्वयन का भी मुख्य हिस्सा रही हैं. इस स्कीम के संदर्भ में उन्होंने कहा था-इस स्कीम में सबसे कठिन काम था लाभार्थियों को चुनना.
हॉस्पिटलाइजेशन कैसे और क्या बीमारियां इनमें कवर होंगी'. आयुष्मान भारत योजना मोदी सरकार की बड़ी सफलता मानी जाती है. विश्लेष्कों का यह भी मानना रहा है कि नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने में इस योजना का बड़ा योगदान रहा है.
प्रीति सूदन वर्ल्ड बैंक में कंसल्टेंट भी रह चुकी हैं.
कैसा रहा है प्रीति का अकादमिक करियर
प्रशासन के अलावा प्रीति सूदन का अकादमिक करियर भी शानदार रहा है. उन्होंने विश्वविख्यात लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से सोशल पॉलिसी और प्लानिंग में एम.फिल की डिग्री हासिल की है. उन्होंने पब्लिक फायनेंस मैनेजमेंट में वाशिंगटन से पढ़ाई की है. वो वल्डबैंक में भी कंसल्टेंट की भूमिका निभा चुकी हैं.
कई मत्वपूर्ण प्रशासनिक पद संभाले
मूल रूप से हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली सूदन इससे पहले कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद संभाल चुकी हैं. इससे पहले रक्षा मंत्रालय में काम करने के अलावा वो आंध्र प्रदेश के रेवेन्य और डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग में काम कर चुकी हैं. वो महिला एवं बाल विकास मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी के पद पर भी रह चुकी हैं. स्वास्थ्य सचिव के तौर पर वो जुलाई 2019 से काम कर रही हैं.
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