विदिशा लोकसभा सीट : कांग्रेस से बाग़ी हो रहे हैं राजकुमार पटेल!
राजकुमार पटेल 2009 के लोकसभा चुनाव में तब चर्चा में आए थे जब कांग्रेस ने उन्हें विदिशा रायसेन लोकसभा सीट से टिकट दिया था. लेकिन नामांकन पत्र के फॉर्म ए की मूल प्रति जमा ना करने की वजह से नामांकन पत्र रद्द कर दिया गया था.
विदिशा रायसेन लोकसभा सीट पर कांग्रेस की मुश्किल बढ़ती दिख रही है. इस सीट से राजकुमार पटेल फिर अपनी ताल ठोक रहे हैं.वो कांग्रेस पार्टी और निर्दलीय के तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल कर रहे हैं.राजकुमार पटेल 2009 के लोकसभा चुनाव में तब चर्चा में आए थे जब कांग्रेस ने उन्हें विदिशा रायसेन लोकसभा सीट से टिकट दिया था. लेकिन नामांकन पत्र फार्म ए की मूल प्रति न जमा किए जाने की वजह से खारिज कर दिया गया था.
पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल विदिशा-रायसेन सीट से आज अपना नामांकन पत्र भर रहे हैं. वो रायसेन कलेक्ट्रेट में अपना पर्चा भरने पहुंचे.खबर है कि वो कांग्रेस पार्टी से एवं एक फॉर्म निर्दलीय के रूप में जमा कर रहे हैं. पटेल असंतुष्ट चल रहे हैं. इस बार उन्हें लोकसभा चुनाव में टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी. लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया. विदिशा रायसेन सीट से कांग्रेस ने शैलेन्द्र पटेल को प्रत्याशी बनाया है.
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राजकुमार पटेल कांग्रेस के पुराने नेता हैं. वो बुधनी से विधायक और मंत्री भी रह चुके हैं. राजकुमार पटेल भोपाल की पहली महिला महापौर और कांग्रेस नेता विभा पटेल के देवर हैं. विभा पटेल कांग्रेस नेता और अब भोपाल से पार्टी प्रत्याशी दिग्विजय सिंह की समर्थक हैं. खुद पटेल भी दिग्विजय समर्थक हैं.
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राजकुमार पटेल 2009 के लोकसभा चुनाव में तब चर्चा में आए थे जब कांग्रेस ने उन्हें विदिशा रायसेन लोकसभा सीट से टिकट दिया था. लेकिन नामांकन पत्र फॉर्म ए की मूल प्रति न जमा किए जाने की वजह से खारिज कर दिया गया था. इस वजह से कांग्रेस को जबर्दस्त झटका लगा था. उस वक्त बीजेपी की ओर से सुषमा स्वराज पार्टी प्रत्याशी थीं. कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार पटेल का नामांकन रद्द होने के कारण लोकसभा चुनाव में सुषमा स्वराज को वॉक ओवर मिल गया था. बाद में एके अंटोनी की अध्यक्षता वाली कांग्रेस की अनुशासन कमेटी ने राजकुमार पटेल को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया था. बाद में उनकी पार्टी में वापसी हो गयी थी.
