Secunderabad Telangana Chunav 2023: सिकंदराबाद पर टिकी सबकी निगाहें, डिप्टी स्पीकर टी पद्मा राव गौड़ के सामने हैट्रिक लगाने की चुनौती
Secunderabad Telangana Chunav 2023: सिकंदराबाद विधानसभा (Secunderabad Assembly) तेलंगाना की खास सीट है, जहां 2018 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब BRS)के टी पद्मा राव गौड (T. Padma Rao Goud) ने कांग्रेस के कसानी ज्ञानेश्वर मुदिराज को 45,470 वोटों के अंतराल से हराकर जीत दर्ज की थी. तेलंगाना विधानसभा के डिप्टी स्पीकर टी पद्मा राव इस सीट से जीत की हैट्रिक लगाने के लिए चुनावी दंगल में उतरे हैं.
- तेलंगाना विधानसभा के डिप्टी स्पीकर टी पद्मा राव गौड ने 2014 और 2018 के 2 चुनाव लगातार जीते
- कांग्रेस के कसानी ज्ञानेश्वर मुदिराज को 45,470 वोटों के अंतराल से हराया था
- टीआरएस (अब BRS) ने 2018 के विधानसभा चुनाव में जीती थीं 119 में से 88 सीट
तेलंगाना. तेलंगाना विधानसभा (Telangana Assembly Election 2023) की 119 सीटों पर 30 नवंबर को चुनाव होने जा रहे हैं. इन सभी सीटों में से सिकंदराबाद विधानसभा (Secunderabad Assembly) महत्वपूर्ण सीट है, जहां 2018 में तेलंगाना राष्ट्र समिति (अब BRS) के टी पद्मा राव गौड़ (T. Padma Rao Goud) ने कांग्रेस के कसानी ज्ञानेश्वर मुदिराज को 45,470 वोटों के अंतराल से हराकर जीत दर्ज की थी. तेलंगाना विधानसभा के डिप्टी स्पीकर टी पद्मा राव इस सीट से जीत की हैट्रिक लगाने के लिए चुनावी दंगल में उतरे हैं. इस सीट के परिणाम किस पार्टी के पक्ष में होंगे, यह आने वाले चुनावों में जनता तय करेगी.
हैदराबाद (Hyderabad) जिला अंतर्गत सिकंदराबाद विधानसभा सीट (Secunderabad Assembly) पर टी पद्मा राव को तीसरी बार चुनावी मैदान में उतारा गया है. अभी दूसरी पार्टियों की ओर से प्रत्याशियों के नामों का ऐलान करना बाकी है. इस सीट से टी पद्मा राव 2014 और 2018 के 2 चुनाव लगातार जीतते आए हैं. केसीआर की पार्टी बीआरएस इस बार भी तेलंगाना का चुनाव असादुद्दीन औवेसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ मिलकर लड़ रही है.
तेलंगाना में पिछला चुनाव 7 दिसंबर, 2018 को हुआ था. साल 2014 में आंध प्रदेश के विभाजन के बाद यह पहला चुनाव था. यह चुनाव इसलिए हुआ था, क्योंकि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने अपने कार्यकाल से 9 माह पहले ही इस्तीफा देकर समय से पहले चुनाव करवाने का फैसला किया था. केसीआर ने कहा था कि वह नहीं चाहते कि राज्य विधानसभा चुनाव और राष्ट्रीय चुनाव एकसाथ हों, क्योंकि वह एकबार में एक ही चुनाव चाहते हैं. इसका फायदा केसीआर को विधानसभा चुनावों में मिला था.
तेलंगाना में मतदाताओं की संख्या 2.99 करोड़ से ज्यादा
साल 2018 के चुनावों में केसीआर की पार्टी टीआरएस (अब बीआरएस) ने 119 सीटों में से 88 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि कांग्रेस को 19, एआईएमआईएम को 7, टीडीपी को 2, भाजपा को 1 और अन्य ने 2 सीटों पर जीत दर्ज की थी. तेलंगाना में बीआरएस, एआईएमआईएम, कांग्रेस, भाजपा, टीडीपी के अलावा बसपा, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, सीपीआई, सीपीएम भी मजबूती से चुनावी दंगल में उतरती रही हैं. तेलंगाना में कुल मतदाताओं की संख्या 2,99,77,659 है. इन पुरुष मतदाता 1,50,50,464, महिला मतदाता 1,49,25,243 और ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या 1,952 है.
