आपके लैपटॉप को 'सुला' देगा स्लीप मोड, भूलकर भी न करें इस्तेमाल, इसकी जगह अपनाएं हाइबरनेट मोड
लैपटॉप को खोलने में लगने वाले समय से बचाने के लिए स्लीप मोड का प्रयोग करते हैं. इससे लैपटॉप खराब हो सकता है. इससे बचने के लिए यूजर्स को स्लीप मोड के बजाय हाइबरनेट मोड का उपयोग करना चाहिए. इस मोड से लैपटॉप की बैटरी को नुकसान नहीं पहुंचता है.
नई दिल्ली. मौजूदा वक्त में हम बहुत ज्यादा कंप्यूटर का इस्तेमाल करते हैं, चाहे हम घर पर हों या फिर यात्रा कर रहे हों, लेकिन लैपटॉप / कंप्यूटर का इस्तेमाल तो करते ही रहते हैं. वहीं टेक कंपनियां भी लोगों को अधिक से अधिक सुविधाएं देने के लिए इन लैपटॉप में वाई-फाई और स्लीप मोड जैसे फीचर्स दे रही है, जिससे लोग लैपटॉप का इस्तेमाल और ज्यादा करते हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो लैपटॉप दिनभर, तो इस्तेमाल करते ही हैं, साथ ही इसे यूज करते वक्त लापरवाही भी बरतते हैं और डिवाइस को बंद करने के बजाए उसे स्लीप मोड पर छोड़ सकते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि लैपटॉप को स्लीप मोड पर रखना खतरनाक हो सकता है,
दरअसल, लैपटॉप को स्लीप मोड पर रखने से उसकी बैटरी क नुकसान होता है. जानकारों का मानना हैं कि लैपटॉप को स्लीप मोड की बजाय शटडाउन करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है. गौरतलब है कि लोग बार-बार लैपटॉप को खोलने में लगने वाले समय से बचाने के लिए स्लीप मोड का प्रयोग करते हैं. जब लैपटॉप का इस्तेमाल देर तक नहीं होता है, तो डिवाइस अपने-आप स्लीप मोड में चला जाता है. इसके अलावा यूजर्स लैपटॉप को स्टार्ट बटन के जरिए स्लीप मोड में डाल सकते हैं. इस फीचर से लैपटॉप की बैटरी पर जोर पड़ता है और आग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है.
सीपीयू और मॉनीटर पर बुरा प्रभाव
इसके अलावा अधिक वक्त तक लैपटॉप को स्लीप मोड रखने से बैटरी का बहुत नुकसान होता है, जल्दी खराब हो जाती है. स्लीप मोड से लैपटॉप के सीपीयू और मॉनीटर पर बुरा असर पड़ता है. स्लीप मोड से लैपटॉप की बैटरी गर्म होने के कारण आग लग सकती है.
हाइबरनेट मोड का कर सकते हैं इस्तेमाल
यूजर्स को लैपटॉप पर स्लीप मोड की बजाय हाइबरनेट मोड का उपयोग करना चाहिए. इस मोड से लैपटॉप की बैटरी को नुकसान नहीं पहुंचता है. हाइबरनेट मोड स्लीप मोड के समान ही है, लेकिन यह आपके ओपन डॉक्यूमेंट को सेव और आपके रैम में एप्लिकेशन चलाने के बजाय, यह उन्हें आपकी हार्ड डिस्क पर सेव करता है. यह आपके कंप्यूटर को पूरी तरह से बंद करने की अनुमति देता है, जिसका अर्थ है कि एक बार जब आपका कंप्यूटर हाइबरनेट मोड में होता है, तो वह पावर का उपयोग नहीं करता है. एक बार जब कंप्यूटर वापस चालू हो जाता है, तो यह सब कुछ वहीं से शुरू कर देगा, जहां से आपने छोड़ा था. हाइबरनेट स्लीप मोड की तुलना में बेहतर काम करता है. इस फीचर से लैपटॉप की बैटरी लाइफ भी बढ़ती है.
यदि लैपटॉप में हाइबरनेट मोड एक्टिवेट करना है, तो पहले की-बोर्ड पर स्टार्ट+आर बटन एक साथ दबाना होगा. अब आपके सामने विंडो पावर का ऑप्शन आएगा, जिसमें आप पावर बटन के से स्लीप मोड की जगह हाइबरनेट मोड को चुन सकते है.
अपने कंप्यूटर को हाइबरनेट कैसे करें?
हाइबरनेट मोड यूज करने के लिए सबसे पहले उसकी सेटिंग में जाएं
फिर सिस्टम का विकल्प चुनें. इसके बाद पावर और स्लीप का ऑप्शन चुनें.
यहां एक्सट्रा पावर सेटिंग विंडोज लोगो आइकन सेलेक्ट करें .
इसके बाद Choose what the power button does चुनें.
अब Change settings that are currently unavailable विकल्प चुनें.
शटडाउन सेटिंग्स के तहत, हाइबरनेट चेकबॉक्स चुनें और फिर चेंजेंस सेव करें.
अब आप स्टार्ट सेलेक्च करके पीसी को हाइबरनेट कर सकते हैं .
