एक हाथ में सेना, दूसरे में बातचीत, ट्रंप की दोहरी चाल पर ईरान ने भी दिखाई आंख, इजरायल भी हिल गया
ईरान को लेकर अमेरिका का रुख और सख्त हो गया है. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप जो भी फैसला लेंगे, अमेरिकी सेना उसे लागू करने के लिए तैयार है. बातचीत के संकेतों के साथ सैन्य चेतावनी भी दी गई है. इससे पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है.
तेहरान: ईरान को लेकर अमेरिका का रुख और सख्त होता नजर आ रहा है. अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ कहा है कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ वही कदम उठाने के लिए तैयार है, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तय करेंगे. उनका कहना है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा. यह बयान ऐसे समय आया है, जब मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी तेजी से बढ़ाई गई है. एक कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रंप ने खुद हेगसेथ से ईरान की स्थिति पर टिप्पणी करने को कहा. जवाब में रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर राष्ट्रपति आदेश देते हैं, तो सेना तुरंत कार्रवाई के लिए तैयार है.
धमकी के साथ बातचीत का इशारा
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ट्रंप फिलहाल अपने सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. अभी तक ईरान पर सीधे हमले का फैसला नहीं लिया गया है, लेकिन संकेत साफ हैं कि अगर हालात बिगड़े, तो अमेरिका पीछे नहीं हटेगा. इसी बीच ट्रंप ने यह भी पुष्टि की है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत हुई है और आगे भी बातचीत की योजना है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना के बेहद ताकतवर जहाज ईरान की ओर बढ़ रहे हैं. ट्रंप ने कहा कि अगर इन जहाजों का इस्तेमाल न करना पड़े, तो यह बेहतर होगा, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है. ट्रंप पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि अगर ईरान ने फिर से अपने परमाणु कार्यक्रम को तेज किया, तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. जून 2025 में इजरायल और अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के कई परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा था.
ईरान ने भी कर दिया पलटवार
ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है. ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमीनिया ने कहा कि अगर ट्रंप यह सोचते हैं कि झटपट कार्रवाई के बाद वह ट्वीट करके बताएंगे कि सब खत्म हो गया तो यह उनकी गलतफहमी है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो पूरे मिडिल ईस्ट में युद्ध फैल सकता है. इजरायल समेत हर उस जगह हमला होगा, जहां अमेरिका के बेस हैं.
इजरायल भी अलर्ट मोड में
इस बीच इजरायल में भी हलचल तेज है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने यरुशलम में शीर्ष सैन्य और सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक गोपनीय बैठक की. इस बैठक का फोकस ईरान और संभावित अमेरिकी हमले पर रहा. इजरायली अधिकारियों का मानना है कि अगर अमेरिका ईरान पर हमला करता है, तो ईरान जवाब में इजरायल को भी निशाना बना सकता है. ऐसे में इजरायल पूरी तरह तैयार रहने की तैयारी कर रहा है.
खाड़ी के देश क्या कर रहे?
सऊदी अरब, तुर्की, कतर और ओमान जैसे देश हालात को शांत करने की कोशिश में लगे हैं. सऊदी अरब ने ईरान को साफ किया है कि वह अपने हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी हमले के लिए नहीं होने देगा. वहीं रूस भी हालात पर करीबी से नजर बनाए हुए है और उसने चेतावनी दी है कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र में अराजकता फैला सकता है.
