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सरकार की मदद से शुरू करें अपना कारोबार, हर साल करोड़ों में होगी कमाई!

सरकार की मदद से शुरू करें अपना कारोबार, हर साल होगी करोड़ों की कमाई, जानें शुरू करने की प्रक्रिया

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स्टार्टअप कंपनी पेपफ्यूल डॉट कॉम (startup Pepfuel.com) का सालाना कारोबार कुछ साल में ही 100 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गया. आइए जानते हैं कि कैसे आप भी डोर-टू-डोर फ्यूल बेचने का कारोबार कर सकते हैं.

सरकार की मदद से शुरू करें अपना कारोबार, हर साल करोड़ों में होगी कमाई!Zoom
हर रोज 100 रुपये निवेश करने से आप करोड़पति बन सकते हैं
नई दिल्ली. कोरोना संकट के बीच नौकरी छूट गई है और आप भी अपना कारोबार शुरू करना (How can I start my own business?) चाहते हैं तो आपको हम मोटे मुनाफे वाले कारोबार (Business Idea) के बारे में बता रहे हैं. इस कारोबार में आपको हर महीने आप तगड़ा मुनाफा (Earn money) हो सकता है. केंद्र सरकार की मदद से आप ऑनलाइन फ्यूल यानी डीजल (online fuel business) बेचकर करोड़ों में कमाई कर सकते हैं. इसके लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), पेस्‍को (PESCO) जैसी तेल कंपनियां भी आपकी मदद करेंगी.

इस कारोबार को शुरू करने की बारीकियां जानने के लिए हमने स्टार्टअप कंपनी पेपफ्यूल डॉट कॉम (startup Pepfuel.com) से बात की. पेपफ्यूल्स डॉट कॉम (pepfuels.com) सरकार से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप है. पेपफ्यूल्स का इंडियन ऑयल के साथ थर्ड पार्टी एग्रीमेंट है. यह डोर-टू-डोर डिलिवरी (online diesel delivery) के लिए है. इस ऐप पर ग्राहक ऑनलाइन या मैसेज के जरिये ऑर्डर कर सकते हैं. नोएडा के टिकेंद्र, प्रतीक और संदीप ने मिलकर इसे शुरू किया है. कारोबार शुरू करने के कुछ साल बाद इनकी कंपनी का टर्नओवर 100 करोड़ रुपये सालाना के करीब पहुंच गया. आइए जानते हैं कि कैसे आप भी डोर-टू-डोर फ्यूल बेचने का कारोबार कर सकते हैं.
स्‍टार्टअप के लिए की रिसर्च
स्टार्टअप के फाउंडर टिकेंद्र बताते हैं कि इस पर काफी रिसर्च की गई. घर-घर जाकर लोगों से बात की और ऑनलाइन फीडबैक लिया. फीडबैक में हर दूसरे आदमी ने यही कहा कि पेट्रोल-डीजल के लिए ऑनलाइन ऐप होना चाहिए. हालांकि, पेट्रोल-डीजल की ऑनलाइन डिलिवरी (Petrol diesel online business) शुरू करना काफी जोखिमभरा है. टिकेंद्र बताते हैं कि 2016 तक देश में पेट्रोल डिलिवरी की परमिशन नहीं थी. हाल में सरकार ने इसकी इजाजत दी है. उस वक्त हमारे सामने सिर्फ डीजल डिलिवरी ही अकेला विकल्प था. हमने इस पर काम शुरू कर दिया.
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कंपनियों से मिला सहयोग
कंपनी के दूसरे संस्‍थापक संदीप बताते हैं कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), पेस्‍को (PESCO) जैसी तेल कंपनियों को अपना-अपना सुझाव भेजा. साथ ही अपने-अपने स्टार्टअप का आइडिया प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को भी भेजा था. कुछ दिन बाद ही हमें पीएमओ से जवाब आ गया था. दूसरी, तरफ फरीदाबाद स्थित इंडियन ऑयल की तरफ से भी हमें हमारे कारोबार का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) सौंपने को कहा गया. हमने अपने प्रोजेक्ट की डीपीआर इंडियन ऑयल को भेजी. अप्रूवल मिलने के बाद हमने अपना कारोबार शुरू कर दिया.
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