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GST स्लैब की दरों में होने जा रहा बड़ा बदलाव! महंगी हो जाएंगी ये चीजें

GST स्लैब की दरों में होने जा रहा बड़ा बदलाव! महंगी हो जाएंगी ये चीजें

जीएसटी जीरो टैक्स स्लैब

जीएसटी जीरो टैक्स स्लैब

लगातार घटते रेवेन्यू कलेक्शन (Revenue Collection) को ध्यान में रखते हुए जीएसटी पैनल (GST Panel) कुछ टैक्स स्लैब में बदलाव करने जा रहा है. इस संबंध में मध्य दिसंबर पैनल की बैठक राज्यों और टैक्स अधिकारियों के साथ हो सकती है.

    नई दिल्ली. लगातार घटते जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन (GST Revenue Collection) और रेवेन्यू टार्गेट पूरा न होने की वजह से सरकार अब दूसरे विकल्पों के बारे में विचार करना शुरू कर रही है. वस्तु एवं सेवा कर पैनल (GST Panel) रेवेन्यू कलेक्शन बढ़ाने के बारे में विचार कर रहा है. इसी सिलसिले में अब खबर आ रही है कि जीएसटी पैनल 5 फीसदी के टैक्स स्लैब को 1 फीसदी बढ़ाकर 6 फीसदी करना चाहता है.​ बिजनेस स्टैंडर्ड ने अपनी एक रिपोर्ट में इस बारे में जानकारी दी है.

    उम्मीद की जा रही है कि जीएसटी स्लैब (GST Slab) में इस बदलाव से जीएसटी रेवेन्यू कलेक्शन में हर माह करीब 1,000 करोड़ रुपये का इजाफा होगा. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस संबंध में जीएसटी पैनल इसी माह के मध्य में राज्यों और अधिकारियों (GST Officials) से बातचीत कर सकता है.

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    इन बातों पर भी विचार कर रहा जीएसटी पैनल
    जीएसटी पैनल जिन अन्य बातों पर विचार कर रहा है उनमें वैल्यू एडेड टैक्स (VAT) के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं की जीएसटी के अंतर्गत लाना शामिल है. इसके अलावा सिगरेट और एयरेटेड ड्रिंक्स (Aerated Tax) पर लगने वाले कंपसेशन सेस (Compensation Cess) को बढ़ाना भी शामिल है. यही नहीं, जीएसटी के पहले कुछ वस्तुओं पर लगने वाले टैक्स को फिर से जीएसटी के दायरे में शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है. बता दें कि कुछ वस्तुओं को जीएसटी लागू करने के बाद टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया था.

    किस स्लैब से कितना होता है जीएसटी कलेक्शन
    आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, कुल जीएसटी कलेक्शन में 5 फीसदी जीएसटी से की रकम 5 फीसदी ही होती है. वहीं, 18 फीसदी के स्लैब की कुल हिस्सेदारी 60 फीसदी, 12 फीसदी स्लैब की हिस्सेदारी 13 फीसदी और 28 फीसदी स्लैब की हिस्सेदारी 22 फीसदी होती है.

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    महंगी हो सकती हैं ये चीजें
    मौजूदा रिस्ट्रक्चरिंग प्रोसेस में ऑटो सेक्टर को नहीं शामिल किया जा रहा है. लेकिन, इस रिपोर्ट में एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि एयरेटेड ड्रिंक्स और सिगरेट की कीमतों में इजाफा हो सकता है.

    क्या है सिगरेट पर मौजूदा सेस
    मौजूदा समय में 65 मिलीमीटर वाले सिगरेट पर 5 फीसदी सेस लगता है. इसके अलावा हर 1,000 सिगरेट पर 2,076 रुपये का अतिरिक्त सेस देना होता है. वहीं, 75 मिलीमीटर की लंबाई वाले सिगरेट पर भी 5 फीसदी की दर से ही सेस लगता है. इसके अलावा हर 1,000 सिगरेट पर 3,668 रुपये अतिरिक्त लगाया जाता है.

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    Tags: Business news in hindi, Goods and services tax, Goods and services tax (GST) on sales, Indirect tax, VAT

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