Vodafone-Idea को नहीं मिला सरकारी फंड तो बंद हो जाएगी कंपनी: बिड़ला
Agency:News18Hindi
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दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला (KumarMangalam Birla) ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है.

नई दिल्ली. दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला (KumarMangalam Birla) ने शुक्रवार को टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया (Vodafone-Idea) को लेकर एक बड़ा बयान दिया है. बिड़ला ने एनबीसी टीवी 18 की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान से बातचीत में कहा कि हमने ऐसा कल्चर कारोबार में पैदा किया है कि यदि अपेक्षा के अनुसार सरकारी सहायता नहीं मिली तो वह वोडाफोन आइडिया को बंद कर देंगे.
इस कार्यक्रम में एक सवाल के जवाब में बिड़ला ने संकेत दिया है अब बिड़ला ग्रुप वोडाफोन-आइडिया में कोई निवेश नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि अच्छे रुपये को बुरे रुपये में निवेश का कोई मतलब नहीं है. सरकारी राहत नहीं मिलने पर कंपनी के कदम के सवाल पर बिड़ला ने कहा कि हम अपनी दुकान बंद कर देंगे. उन्होंने कहा कि राहत नहीं मिलने की स्थिति में कंपनी दिवालिया प्रक्रिया का रास्ता अपनाएगी.
Vodafone Idea will close if government does not provide any relief: KM Birla
— Press Trust of India (@PTI_News) December 6, 2019
सुप्रीम कोर्ट की ओर से एजीआर पर दिए गए फैसले का वोडाफोन-आइडिया पर सबसे ज्यादा असर पड़ा है. इसके कारण कंपनी ने दूसरी तिमाही में 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का घाटा बताया है. रिलायंस जियो की लॉन्चिंग के बाद टेलीकॉम सेक्टर में बने रहने के लिए कुमार मंगलम बिड़ला ने अपनी आइडिया सेल्युलर का वोडाफोन इंडिया के साथ विलय कर दिया था और नई कंपनी वोडाफोन आइडिया अस्तित्व में आई थी.
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अभी कंपनी में 26 फीसदी हिस्सेदारी है बिड़ला ग्रुप की
पिछले साल हुए विलय समझौते के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी वोडाफोन के पास है जबकि 26 फीसदी हिस्सेदारी आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास है. अन्य शेयरहोल्डर्स के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी है. वोडाफोन-आइडिया का संचालन दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से करती हैं.
पिछले साल हुए विलय समझौते के अनुसार, वोडाफोन-आइडिया कंपनी में 45.1 फीसदी हिस्सेदारी वोडाफोन के पास है जबकि 26 फीसदी हिस्सेदारी आदित्य बिड़ला ग्रुप के पास है. अन्य शेयरहोल्डर्स के पास 28.9 फीसदी हिस्सेदारी है. वोडाफोन-आइडिया का संचालन दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से करती हैं.
वोडाफोन ने सरकार से मांगा था राहत पैकेज
वोडाफोन ने सरकार से स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए दो साल का वक्त, लाइसेंस शुल्क में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ब्याज और जुर्माने में छूट सहित एक राहत पैकेज की मांग की थी. वोडाफोन दुनिया की दूसरी बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है और स्पेन व इटली में सुधार के संकेतों से उसके राजस्व में लगातार सुधार हो रहा है. कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली छमाही में उसके सेवा राजस्व में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. वहीं कंपनी ने मुश्किल दौर को देखते हुए पहली बार मई में अपने डिविडेंट में कटौती की थी.
वोडाफोन ने सरकार से स्पेक्ट्रम भुगतान के लिए दो साल का वक्त, लाइसेंस शुल्क में, सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ब्याज और जुर्माने में छूट सहित एक राहत पैकेज की मांग की थी. वोडाफोन दुनिया की दूसरी बड़ी मोबाइल ऑपरेटर है और स्पेन व इटली में सुधार के संकेतों से उसके राजस्व में लगातार सुधार हो रहा है. कैलेंडर वर्ष 2019 की पहली छमाही में उसके सेवा राजस्व में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. वहीं कंपनी ने मुश्किल दौर को देखते हुए पहली बार मई में अपने डिविडेंट में कटौती की थी.
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