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निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनय की याचिका खारिज की, कहा- मानसिक तौर पर वो स्वस्थ
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Updated: February 14, 2020, 3:07 PM IST
निर्भया केस: सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनय की याचिका खारिज की, कहा- मानसिक तौर पर वो स्वस्थ
सुप्रीम कोर्ट में दोषी ने राष्ट्रपति कोविंद द्वारा दया याचिका की अस्वीकृति को चुनौती दी थी (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को अपने निर्णय में कहा कि मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, दोषी विनय मानसिक तौर पर पूरी तरह स्वस्थ है. इसके अलावा उसकी मेडिकल स्थिति भी पूरी तरह स्थिर है. सर्वोच्च अदालत ने विनय की याचिका को योग्यता रहित पाया इसलिए उसकी याचिका को खारिज कर दिया

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  • Last Updated: February 14, 2020, 3:07 PM IST
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नई दिल्ली. निर्भया गैंग रेप मामले (Nirbhaya Gang Rape Case) में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दोषी विनय शर्मा की याचिका को खारिज कर दिया है. विनय ने राष्ट्रपति द्वारा अपनी दया याचिका (Mercy Petition) अस्वीकृत कर दिए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में कहा कि मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार, दोषी विनय मानसिक तौर पर पूरी तरह स्वस्थ है. इसके अलावा उसकी मेडिकल स्थिति भी पूरी तरह स्थिर है. सर्वोच्च अदालत ने दोषी विनय की याचिका को योग्यता रहित पाया. जिस कारण उसकी याचिका खारिज कर दी गई. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले में गुरुवार को सुनवाई पूरी हो गई थी.




एक अन्य में सुनवाई के दौरान जज हो गईं बेहोश
वहीं शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में निर्भया मामले में ही दाखिल एक अन्य याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस आर भानुमति बेहोश हो गईं. वो केंद्र सरकार के दोषियों के अलग-अलग फांसी देने की याचिका पर दाखिल किए गए उसके जवाब को सुन रही थी.


न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार बेहोश हो जाने के बाद जस्टिस आर भानुमति को तत्काल उनके चेंबर में ले जाया गया. बताया जा रहा है कि जज ने इस केस की सुनवाई के दौरान दवा खा रखी थी. शुक्रवार को वो निर्भया गैंगरेप मामले की सुनवाई कर थी. इस घटना के बाद फिलहाल बेंच ने इस मामले की सुनवाई रोक दी है. बाद में इस पर आदेश जारी होगा.



राष्ट्रपति के दया याचिका खारिज करने को दी थी चुनौती
बता दें कि इस मामले में दोषी विनय ने राष्ट्रपति के निर्णय मर्सी पिटिशन को खारिज करने को सुप्रीम कोर्ट में चैलेंज करते हुए याचिका दाखिल की थी. इस याचिका में कहा गया कि इसके लिए पूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है. साथ ही उसकी दया याचिका पर जल्दबाजी में फैसला लिया गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने एक फरवरी को विनय की दया याचिका खारिज कर दी थी.

2012 के दिसंबर की है ये घटना
साल 2012 के 16 दिसंबर की रात में 23 साल की एक लड़की के साथ एक खौफनाक घटना हुई थी. यह लड़की अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके के पास के एक बस स्टैंड पर खड़ी थी. इस दौरान पब्लिक ट्रांसपोर्ट बस का इंतजार करने के दौरान दोनों एक प्राइवेट बस में बैठ गए. जिसके बाद इस चलती बस में उसके साथ रेप की घटना और मारपीट हुई थी. घटना को अंजाम देने के बाद दोषियों ने उसे चलती बस से फेंक दिया था. इस घटना के बाद पूरा देश सहम गया था. उसे को बेहतर इलाज के लिए एयर सिंगापुर ले जाया गया. लेकिन 29 दिसंबर, 2012 को वहां के एक हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई.

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First published: February 14, 2020, 2:19 PM IST
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