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तीन तलाक: बहस के दौरान भड़के सांसद बदरुद्दीन अजमल, मुस्लिमों की एक जमात को कहा आतंकी

तीन तलाक: बहस के दौरान भड़के सांसद बदरुद्दीन अजमल, मुस्लिमों की एक जमात को कहा आतंकी

बदरुद्दीन अजमल

बदरुद्दीन अजमल

सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि मुसलमानों में जो लोग तीन तलाक (तलाक बिदअत) को गलत मानते हैं, वह सलफी मसलक(सुन्‍नी मुसलमानों में मौजूद विचारकों का एक धड़ा) के लोग हैं, वह तो आतंकवादी हैं.

    निसार अहमद खां

    ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट(एआईयूडीएफ) के मुखिया और सांसद मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने गुरुवार को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर होने वाली बहस में हिस्सा लेते हुए मुसलमानों को ही आतंकवादी बता दिया. उन्होंने कहा कि मुसलमानों में जो लोग तीन तलाक (तलाक बिदअत) को गलत मानते हैं, वह सलफी मसलक(सुन्‍नी मुसलमानों में मौजूद विचारकों का एक धड़ा) के लोग हैं, वह तो आतंकवादी हैं. वह पूरे हिंदुस्तान में आतंकवाद फैला रहे हैं, इसको भारत सरकार ने भी तस्लीम(स्‍वीकार) कर लिया है. मैं उनके मसलक(विचार) को नहीं मानता.

    दरअसल बीजेपी महिला सांसद मीनाक्षी लेखी ने बहस में हिस्सा लेते हुए कुरआन पाक के सूरतुल बकरा(कुरान की एक सूरत) का हवाला देते हुए कहा था कि कुरआन में भी तीन तलाक को गलत माना गया है. इस पर मौलाना अजमल नाराज़ हो गए थे और जब उनको बोलने का मौका मिला तो वह गलत बयानी करने लगे. मीनाक्षी लेखी ने पलटवार किया, 'मौलाना आप कुरआन की वह आयत बता दीजिए जिसमें तीन तलाक को सही बताया गया है.' मौलाना अजमल इसका जवाब नहीं दे सके और कहा कि वह डिबेट के लिए तैयार होकर नहीं आए हैं.

    मौलाना अजमल के इस बयान के बाद न्यूज़18 उर्दू ने एक खबर प्रकाशित की थी. इसमें मुसलमानों के अलग-अलग मसलक के धार्मिक गुरुओं और विद्वानों ने मौलाना अजमल पर सख्त टिप्पणी करते हुए उनके गलत और गैरजिम्मेदाराना बयान की निंदा की. सैकड़ों इस्लामिक पुस्तकों के लेखक और पूरी दुनिया में मशहूर हनफी मसलक के मौलाना वहीदुद्दीन खान, शाही मस्जिद फतहपुरी दिल्ली के इमाम डॉक्टर मुफ्ती मुकर्रम अहमद, सलफी मसलक के धर्मगुरु मौलाना मोहम्मद रहमानी मदनी, दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डाक्टर जफरुल इस्लाम खान, मुस्लिम विद्वान डाक्टर तस्लीम रहमानी ने न्यूज़18 से फोन पर बात करते हुए सांसद मौलाना अजमल के बयान को गलत बताते हुए उन्हें पढ़कर और तैयारी के साथ सदन में आने का मशविरा दिया.

    उन्‍होंने कहा कि उनका बयान गैरजिम्मेदाराना और पूरी तरह गलत है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मौलाना को सख्त टिप्पणियों का सामना करना पड़ा. इसके बाद सांसद मौलाना अजमल ने लिखित माफी मांग ली है. उन्होंने उर्दू भाषा में लैटर लिखते हुए कहा, 'मैंने सबकत लिसानी में अपने सलफी भाइयों के संबंध में एक गलत और बेअसल बात कह दी, जिसका मुझे बेहद अफसोस है. पार्लियामेंट के नियम के अनुसार मैंने अपनी तकरीर का वह हिस्सा कार्यवाही से निकालने की दरख्वासत भी दे दी है, जिसके बाद इंशा अल्लाह वह हिस्सा वहां से भी हट जाएगा.'

    मौलाना अजमल के माफी मांगने के बाद भी अभी हंगामा खत्म नहीं हुआ है. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि उन्होंने पार्लियामेंट में यह बयान दिया है इसलिए वह हिंदी में माफी मांगें. बता दें कि मौलाना अजमल इतर के मशहूर ताजिर हैं और दारुल उलूम देवबंद के मजलिसे शूरा के सदस्य हैं और असम से सांसद हैं. उनकी पार्टी एआईयूडीएफ के लोकसभा में कुल तीन सांसद हैं जबकि असम विधानसभा में 13 विधायक हैं.

    Tags: Aiudf, Hindu-Muslim, Muslim, Muslim traditions, Triple Talaq Bill

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