• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • भारत ने अंतरिक्ष में कुछ यूं मार गिराया था सैटेलाइट, रक्षा मंत्रालय ने जारी किया वीडियो

भारत ने अंतरिक्ष में कुछ यूं मार गिराया था सैटेलाइट, रक्षा मंत्रालय ने जारी किया वीडियो

प्रतीकात्मक तस्वीर

प्रतीकात्मक तस्वीर

भारत की ओर से यह परीक्षण किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम सवाल उठे जिसका भारत ने जवाब भी दिया.

  • Share this:
    भारत ने 27 मार्च को ओडिशा स्थित अब्दुल कलाम द्वीप से एंटी सैटेलाइट मिसाइल (मिशन शक्ति) का परीक्षण किया था. अब रक्षा मंत्रालय ने इसका वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि किस तरह से इंटरसेप्टर मिसाइल ने अंतरिक्ष में सैटेलाइट को मार गिराया. भारत को यह सफलता मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधित किया था.

    रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी किए गए वीडियो में मिशन के शुरुआत से लेकर अंत तक को दिखाया गया है. इसमें ग्राफिक्स और वीडियो का इस्तेमाल किया गया है.

    यह भी पढ़ें:  मिशन शक्ति से अंतरिक्ष में कचरे का खतरा नहीं, 45 दिन में अपने आप खत्म हो जाएगा मलबा

    बता दें भारत ने एक बैलेस्टिक मिसाइल के जरिए अपने ही सैटेलाइट को ज़मीन से 300 किलोमीटर की ऊंचाई पर मार गिराया था. वर्ल्ड सिक्योर फाउंडेशन के अनुसार साल 2007 में चीन ने पोलर ऑर्बिट में एक सैटेलाइट को नष्ट किया था जिसकी वजह से अब तक का सबसे ज्यादा मलबा बना था. इसकी वजह से मलबे के करीब तीन हज़ार टुकड़े स्पेस में बिखर गए थे.

    यह भी पढ़ें: मिशन शक्ति पर सवाल उठाने वाले पाकिस्तान और NASA को ISRO का करारा जवाब

    भारत ने वर्ष 2012 में इस पर काम करना शुरू किया था. अब भारत ने इसमें सफलता हासिल कर ली है. माना जा रहा है कि आने वाले समय में चौथा विश्व युद्ध अंतरिक्ष में लड़ा जाएगा. जिस देश के पास एंटी सैटेलाइट तकनीक होगी, वो ऐसी लड़ाई में बाजी मार ले जाएगा.

    यह भी पढ़ें: 'मिशन शक्ति' परीक्षण की जासूसी कर रहा था पेंटागन? US ने दिया यह जवाब



    यह भी पढ़ें: मिशन शक्ति पर जेटली बोले- वैज्ञानिक पहले से तैयार थे, सरकारें नहीं

    इससे पहले 27 मार्च को ही रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने इसका एक वीडियो जारी किया था जिसमें पूरी प्रक्रिया दिखाई गई थी. हालांकि भारत की ओर से यह परीक्षण किये जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तमाम सवाल उठे जिसका भारत ने जवाब भी दिया. डीआरडीओ प्रमुख सतीश रेड्डी ने बताया कि 45 दिन के अंदर मिशन शक्ति से फैला मलबा अपने आप नष्ट हो जाएगा.

    यह भी पढ़ें:  वैज्ञानिक गौहर रजा बोले- DRDO या ISRO को करनी चाहिए थी 'मिशन शक्ति' की घोषणा

    डीआरडीओ प्रमुख सतीश रेड्डी ने कहा कि परीक्षण किए जाने के बाद इस मिशन को गुप्त नहीं रखा जा सकता था. रेड्डी  ने कहा कि अंतरिक्ष में होने वाली किसी भी तरह की हलचल का पता लगाने के लिए दुनिया भर के स्टेशनों की नजर रहती है. यही कारण है कि कोई भी प्रशिक्षण करने से पहले सभी आवश्यक अनुमति लेनी आवश्यक होती हैं.

    एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज