गया-कोडरमा रूट पर लैंड स्लाइड, पटरी पर गिरा मिट्टी-पत्थर का ढेर, 3 घंटे तक जाम रही ट्रेनों की पहिया
Gaya Local news: जुलाई 2025 में भी बसकटवा-यदुग्राम के बीच भूस्खलन का खतरा देखा गया था. आगामी खतरे गंभीर हैं. बार-बार भूस्खलन से ट्रेनों की सुरक्षा को खतरा है, और देरी से यात्री परेशान हो रहे हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि घाटी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम....
एलन लिली/गया: मंगलवार दोपहर बिहार के गया-कोडरमा रेलखंड पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो गया. बसकटवा और नाथगंज स्टेशनों के बीच पहाड़ी से मिट्टी के ढेर और पत्थर रेलवे ट्रैक पर गिर गए, जिससे डाउन लाइन पर ट्रेनों का परिचालन करीब 3 घंटे तक रुका रहा. यह घटना दोपहर 2 बजे हुई, जब मानसून की तेज बारिश ने गुरपा-गझंडी घाटी क्षेत्र को प्रभावित किया. रेलवे ने तुरंत कार्रवाई की और शाम 5 बजे तक ट्रैक साफ कर परिचालन शुरू कर दिया, लेकिन कई ट्रेनें देरी से चलीं.
ईस्ट सेंट्रल रेलवे (ECR) के धनबाद मंडल के अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के कारण ट्रैक पर मलबा जमा हो गया था. इससे दिल्ली, हावड़ा और रांची की ट्रेनें प्रभावित हुईं. हावड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस (12301), रांची-नई दिल्ली राजधानी (12825) और हावड़ा-जम्मू तवी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें कोडरमा और गुरपा स्टेशनों पर रुकी रहीं. कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक रास्तों से भेजा गया. जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से 50 से ज्यादा कर्मचारियों ने 3 घंटे में ट्रैक साफ किया.
आगामी खतरे और चुनौतियां
यह भूस्खलन बिहार में मानसून की तीव्रता को दर्शाता है. मौसम विभाग ने गया, औरंगाबाद और नालंदा सहित 20 जिलों में अगले 48 घंटों तक भारी बारिश की चेतावनी दी है. गया में पिछले 24 घंटों में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियां उफान पर हैं और जलभराव की समस्या बढ़ी है. गया-कोडरमा रेलखंड पहाड़ी इलाके से गुजरता है, जहां पुरानी मिट्टी और चट्टानें बारिश में कमजोर हो जाती हैं.
जुलाई 2025 में भी बसकटवा-यदुग्राम के बीच भूस्खलन का खतरा देखा गया था. आगामी खतरे गंभीर हैं. बार-बार भूस्खलन से ट्रेनों की सुरक्षा को खतरा है, और देरी से यात्री परेशान हो रहे हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि घाटी क्षेत्र में ड्रेनेज सिस्टम कमजोर है, जिससे मिट्टी का कटाव बढ़ता है. रेलवे ने ड्रेनेज सुधार और पहाड़ी क्षेत्रों में रिटेनिंग वॉल बनाने की योजना बनाई है, लेकिन इसे लागू होने में समय लगेगा. अगर बारिश जारी रही, तो और भूस्खलन हो सकते हैं, जिससे रेल परिचालन और सड़क मार्ग प्रभावित होंगे. रेलवे ने यात्रियों से हेल्पलाइन 139 पर संपर्क करने को कहा है. जिला प्रशासन और रेलवे को मिलकर ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपाय करने होंगे.
