एक चापाकल और 100 परिवार, पानी के लिए होती है मार, सरकार से हारे जहानाबाद के इस गांव के लोग
शिवनगर गांव की रीता देवी ने लोकल 18 से कहा, "हमारे गांव में 4-5 हैंड पंप है लेकिन, एक को छोड़कर सब सूखे हैं. इस कारण बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता है. सुबह से ही पानी लेने के लिए लाइन लगती है. कई बार तो नौबत यहां तक आ जाती है कि पानी के लिए मारपीट हो जाती है." इससे लोगों का आपसी तालमेल भी बिगड़ रहा है. कह सकते हैं कि सिस्टम की लापरवाही से लोगों का आपसी प्रेम-व्यवहार भी खराब हो रहा है.
शशांक शेखर/जहानाबाद: अभी गर्मी का मौसम शुरू नहीं हुआ और जहानाबाद के वाणावर की तलहटी में बसे शिवनगर गांव के लोगों को पानी की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. इसकी मुख्य वजह यह है कि यहां एक ही चापाकल है. करीब 100 घर की बस्ती वाले शिवनगर में न नल का पानी उपलब्ध है और न वहां कुंआ की व्यवस्था है. इससे वहां के लोगों को जरूरत के लिए भी पानी नहीं मिल पाता है. आज आलम यह है कि मखदुमपुर प्रखंड क्षेत्र का यह गांव पानी की किल्लत से जूझ रहा है.
इस गांव में सुबह उठते ही पानी लेने के लिए लाइन लग जाती है. एक ही हैंड पंप है. कई बार जब चापाकल खराब हो जाता है तो यहां के लोगों को भारी परेशानी होती है. पानी के चक्कर में कई बार मार-पीट की नौबत आ जाती है. लोकल 18 की टीम जब ग्राउंड पर पहुंची तो गांव में पानी के लिए जूझते और अपना दर्द बताते हुए लोग दिखे. गांव में एक ही हैंड पंप चालू दिखा, जहां पर कुछ बच्चियां कपड़े साफ करती नजर आईं. कुछ महिलाएं पानी के लिए वहां पर मौजूद रहीं. इन महिलाओं का कहना है कि पानी की बहुत दिक्कत है. यहां पानी के लिए कभी-कभी तो झगड़ा तक हो जाता है. मुखिया और सरपंच से कई बार शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका.
‘गांव में कुंआ और 4 हैंड पंप है, लेकिन एक पर निर्भरता’
शिवनगर गांव की रीता देवी ने लोकल 18 से कहा, “हमारे गांव में 4-5 हैंड पंप है लेकिन, एक को छोड़कर सब सूखे हैं. इस कारण बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता है. सुबह से ही पानी लेने के लिए लाइन लगती है. कई बार तो नौबत यहां तक आ जाती है कि पानी के लिए मारपीट हो जाती है.” इससे लोगों का आपसी तालमेल भी बिगड़ रहा है. कह सकते हैं कि सिस्टम की लापरवाही से लोगों का भाईचारा भी खराब हो रहा है. उन्होंने बताया कि इस बारे में कई बार मुखिया और सरपंच को जानकारी दी गई लेकिन, उन लोगों ने अब तक कुछ नहीं किया और हम लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
‘एक ही हैंड पंप पर निर्भर’
शिवनगर की रूबी देवी ने लोकल 18 से कहा, “हमारा गांव 100 घर की बस्ती वाला है. हालांकि, इस गांव की निर्भरता सिर्फ एक ही हैंड पंप पर है. सुबह उठते ही पानी के लिए मारा मारी की समस्या होने लगती है. कई बार हैंड पंप खराब हो जाता है तो हम ग्रामीणों को दूसरे गांव से सिर पर पानी उठाकर लाना पड़ता है. इस प्रकार हमारा काम पूरे दिन चलता है. सोचिए! अभी तो गर्मी भी नहीं आई है. गर्मी में बहुत ही बड़ी मुश्किलों से गुजरना पड़ेगा. प्रशासन से गुजारिश है कि हमारी समस्याओं का समाधान किया जाए.”
