जिस बनारसी पान की है दुनिया दिवानी, बिहार के इस जिले में खास विधि से होता है तैयार
देश के अलग अलग राज्यों में पान के बेल की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. हालांकि, जिस पान की पूरी दुनिया दीवानी है, उस पान की खेती बिहार में मगध की धरती है. यहां से ही मगही पान बनारस जाता है.
जहानाबादः भारत में पान को लेकर अलग ही क्रेज है. इसका उदाहरण जगह जगह पान की पीक से लाल होती दीवारें और सड़कें हैं. पान के क्रेज का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक खिल्ली पान खाने लोग दूर दूर से पान की गुमटी तक पहुंचते हैं. इतना ही नहीं, पान का इस्तेमाल धार्मिक आयोजन में भी किया जाता है. आपको यह बता दूं कि देश के अलग अलग राज्यों में पान के बेल की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. हालांकि, जिस पान की पूरी दुनिया दीवानी है, उस पान की खेती बिहार में मगध की धरती है. यहां से ही मगही पान बनारस जाता है.
बिहार में मगही पान के बेल की खेती का आनंद लेना है तो इसके लिए आपको नालंदा, औरंगाबाद, नवादा और गया जाना पड़ेगा. यही वो जिले हैं, जहां मगही पान का क्रेज सदियों से चला आ रहा है. अभी हम बात करेंगे नालंदा जिला के खुदागंज थाना क्षेत्र की, जहां 500 बीघा में मगही पान की खेती होती है. खुदागंज क्षेत्र से जिले के अलग अलग शहर, गया, रोहतास के साथ बनारस तक यहां का पान पहुंचता है. इस फसल की खेती से इलाके के 2000 किसान जुड़े हुए हैं और उससे उनकी रोजी रोटी चलती है.
क्या कहते हैं किसान
खुदागंज थाना क्षेत्र में सरथुआ निवासी और पान कृषक 40 साल के रमेश कुमार चौरसिया का कहना है कि जिस पान की पूरी दुनिया दीवानी है, उसको दीवाना बनाने वाला मगही पान ही है. यह पान भारत के किसी भी कोने में नहीं होता है, सिवाय मगध के इलाकों को छोड़कर. हमलोग पान का स्वाद पूरी दुनिया को तो दिला ही रहे हैं, लेकिन इसके उत्पादन में काफी चुनौती होती है. यह जितना आसान दिखता है उतना आसान उत्पादन नहीं होता है. इसके लिए एक साल का इंतजार करना पड़ता है.
क्या हैं चुनौतियां
किसान का कहना है कि पान के बेल की खेती में कई चुनौतियां हैं. मौसम से सबसे ज्यादा नुकसान पान की कोठी को होता है. क्योंकि बरेठा यानी पान की कोठी जिसको तैयार करने में काफी खर्च होता है, वह तुरंत गिर जाता है. यदि बरेठा गिर गया तो हमारी खेती एक साल के लिए पूरी तरह बर्बाद हो जाती है. इतना ही नहीं, सर्दियों में भी मगही पान को बचाना काफी मुश्किल भरा होता है. हालांकि, फरवरी और मार्च का पान सबसे शानदार पान माना जाता है. क्योंकि यह पान काफी टिकाऊ होता है.