हम मौके की तलाश में हैं, और मौक़ा मिलते ही अंदर घुसेंगे, ऑपरेशन सिंदूर से जोड़ते हुए किसने कही ये बात?
नौसेना के वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने कहा कि जिंदगी भर की तैयारी वाले उस एक पल के लिए इंतजार करना कितना कष्टदायक होता है, वैसा ही महसूस हुआ जब मौका नजदीक आने पर भी नौसेना को ‘घुसने’ का अवसर न मिला. ‘हम मौके की तलाश में हैं, और मौका मिलते ही अंदर घुसेंगे,’
मुंबई. भारतीय नौसेना के वेस्टर्न नेवल कमांड के प्रमुख वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने ऑपरेशन सिंदूर को याद करते हुए कहा कि जिंदगी भर की तैयारी वाले उस एक पल के लिए इंतजार करना कितना कष्टदायक होता है, वैसा ही महसूस हुआ जब मौका नजदीक आने पर भी नौसेना को ‘घुसने’ का अवसर न मिला. ‘हम मौके की तलाश में हैं, और मौका मिलते ही अंदर घुसेंगे,’ उन्होंने एक सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया.
उनका यह बयान मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में आया, जो पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की साहसिक कार्रवाई थी. नौसेना ने अरब सागर में 36 जहाज तैनात किए, जिसमें एक कैरियर बैटल ग्रुप शामिल था. इससे पाकिस्तानी नौसेना अपने बंदरगाहों तक सीमित हो गई. नौसेना ने 96 घंटों के अंदर कई हथियार परीक्षण किए और उत्तरी हिंद महासागर में मजबूत उपस्थिति दर्ज की.
ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न नेवल कमांड ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. वाइस एडमिरल स्वामीनाथन ने कहा कि यह अभियान भारतीय सेनाओं की क्षमता का प्रमाण था, स्वामीनाथन ने चिंता जताई कि ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान दुनिया भर से हथियार खरीद रहा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है. नौसेना प्रमुख ने भी कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी चल रहा है और पाकिस्तान को कोई गलत कदम नहीं उठाने की चेतावनी दी. स्वामीनाथन का बयान नौसेना की तैयारी को दर्शाता है. मौका मिला तो फिर से कार्रवाई होगी.
क्या था ऑपरेंशन सिंदूर
अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने 26 निर्दोष पर्यटकों की जान ले ली. आतंकी संगठनों ने इसकी जिम्मेदारी ली. भारत ने इसे युद्ध माना और 7 मई की रात को शुरू हुए इस संयुक्त अभियान में सेना, वायुसेना और नौसेना ने पाकिस्तान के अंदर और पीओके में अंदर तक घुसकर आतंकी ठिकानों, ट्रेनिंग सेंटरों और सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट किया गया था.
