Trending:
गूगल पर
News18 चुनें
होमताजा खबरदेश
युवा चेहरों पर भरोसा करने से क्यों डरती है कांग्रेस

युवा चेहरों पर भरोसा करने से क्यों डरती है कांग्रेस

Last Updated:

जिन नेताओं के भी नाम आगे आ रहे हैं वे सभी उम्र के सातवे दशक को पार कर चुके हैं, राज्यों के ज्यादातर मुख्यमंत्री भी साठ के उपर के है

ख़बरें फटाफट
विज्ञापन

कांग्रेस में राहुल गांधी के उत्तराधिकारी की तलाश अपने अंतिम मुकाम पर है. अब तक जो नाम मीडिया में जो नाम आ रहे हैं उनमें मल्लिकार्राजुन खड़गे और सुशील कुमार शिदें का नाम प्रमुख रूप से लिया जा रहा है. सुशील कुमार शिंदे 77 साल के हो चुके हैं जबकि मल्लिकारज्ल खड़गे 76 साल के है, ये दोनों नेता 75 साल की उम्र पार कर चुके हैं. इसके पहले जिस नाम की चर्चा हुई थी वो नाम था राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलौत का. गहलोत भी 68 साल के हो गए है.

युवा राहुल को क्यों पसंद आ रहे हैं बुजुर्ग नेता


विज्ञापन

कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों की औसत आयु भी 72 के पार


विज्ञापन

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा कि कांग्रेस अपने नेता चुनने में युवा जोश से ज्यादा अनुभव पर भरोसा कर रही हो, 2004 में जब यूपीए-1 की सरकार बनी तो सोनिया गांधी ने अनुभव को तरजीह दी और मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री चुना गया उस समय मनमोहन सिंह 72 साल के थे. यही नहीं कांग्रेस की राज्य सरकारों की बात करे तो पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह 77 साल के हैं. जबकि मध्यप्रदेश की मुख्यमंत्री कमलनाथ 72 साल का पड़ाव पार कर चुके हैं और राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 68 साल के हैं. राजस्थान और मध्य प्रदेश में इन दोनों को मुख्यमंत्री बनाने का फैसला कांग्रेस नेतृत्व ने उस हालात में लिया जब उसके पास राज्यों में सचिन पायलट, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे युवा और मजबूत विकल्प मौजूद थे और राज्य के विधानसभा चुनावों में उनकी भूमिका भी अहम थी .


अनुभव और जोश पर वफादारी भारी


कांग्रेस को नजदीक से जानने वाले बताते है कि कांग्रेस में किसी महत्वूर्ण पद पर चुने जाने के लिए अनुभव और जोश से ज्यादा जरुरी है गांधी परिवार के प्रति वफादारी और कम महत्वाकांक्षी होना और यही वो कारण रहा जिसके कारण यूपीए-1 के समय प्रधानमंत्री के पद पर पी चिदंबरम, प्रणव मुखर्जी, अर्जुन सिंह जैसे दिग्गजों को मात देकर मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री पद के लिए कांग्रेस की पहली पसंद बन गए. कुछ यही हाल यूपीए-1 की सरकार में राष्ट्रपति के चुनाव के समय भी हुआ , कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ते हुए प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति बन गई क्योंकि उस दौर में जो भी राष्ट्रपति पद की दौड़ में था उसमें प्रतिभा देवी सिंह पाटिलसे वफादार कोई भी नहीं था .


ये भी पढ़ें : गहलोत नहीं, शिंदे होंगे कांग्रेस अध्यक्ष, गांधी परिवार ने लगाई मुहर- रिपोर्ट


राहुल गांधी बोले- मैं अब चीफ नहीं हूं, कांग्रेस जल्द चुने नया अध्यक्ष

Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। बजट 2026 की लाइव खबर यहां पढ़ें |
और पढ़ें

फोटो

मच्छरों को कब लगा इंसानों के खून का चस्का? आज भी हर साल लेते हैं 6 लाख की जान

UBER की एयर टैक्सी कर देगी ट्रैफिक की छुट्टी! 320 km/h होगी स्पीड

दिल्ली में डबल डेकर बस रिटर्न्स: संसद से लेकर इंडिया गेट तक घुमाएगी, जानें सब

सुल्तानपुर के ये इलाके हैं सबसे किफायती, 2500 से 5000 में मिल जाएगा कमरा

बहराइच की पांच सुरक्षित और सुविधाजनक कॉलोनियां, जो लोगों की पहली पसंद

और देखें

ताज़ा समाचार

मेष राशि वालों लव लाइफ को लेकर रहें सतर्क, सेहत का रखें ख्याल, जानें उपाय

प्रेम में मिलेगी जीत, परिवार में बजेगी खुशियों की घंटी, जानें कैसा रहेगा दिन

कर्क राशि वालों के लिए तरक्की भरा रहेगा आज का दिन, जानें उपाय

1000 कुत्तों के लिए बनेगा शेल्टर, बरेली में सुरक्षा और सहूलियत की उम्मीद

वृश्चिक राशि वाले आज न लें कोई बड़ा फैसला! धैर्य की होगी परीक्षा

और पढ़ें
होमटी20 वर्ल्ड कपलाइव टीवीलोकल