Trending:
गूगल पर
News18 चुनें
होमताजा खबरराजस्थानजयपुर
गुजरात गेमिंग जोन हादसे ने खोली जयपुर की पोल, अब 6 गेम जोन सीज, जानें वजह

गुजरात गेमिंग जोन हादसे ने खोली जयपुर की पोल, उड़ाई जा रही थी नियमों की धज्जियां, 6 गेम जोन सीज

Edited by:
Last Updated:

Jaipur News : जयपुर में भी चल रहे कई गेमिंग जोन सुरक्षित नहीं हैं. गुजरात के राजकोट हादसे के बाद जयपुर के नगर निगम ग्रेटर की फायर समिति की टीम ने इनकी जांच पड़ताल की तो उनमें जमकर खामियां पाई. उसके बाद आधा दर्जन गेम जोन का सीज कर दिया गया है.

ख़बरें फटाफट
विज्ञापन

जयपुर. राजधानी जयपुर में चल रहे गेमिंग जोन भी बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं. यहां भी नियम कायदों की परवाह किए गए बगैर संचालित किए जा रहे निजी गेमिंग जोन किसी हादसे को न्यौता दे सकते हैं. यह हम नहीं कह रहे है बल्कि जयपुर के नगर निगमों के औचक निरीक्षण में सामने आया है. गुजरात के राजकोट में गेमिंग जोन अग्निकांड की घटना से सबक लेते हुए जयपुर के गेमिंग जोन की सुरक्षा व्यवस्था को परखा गया तो सारी हकीकत सामने आ गई. निगम ने जयपुर के निजी मॉल में 6 अलग अलग गेम जोन सीज कर दिए हैं.

जयपुर के कई गेमिंग जोन की सुरक्षा व्यवस्था में खामियां पाई गई.

विज्ञापन

गर्मी की छुट्टियों में मनोरजंन के लिए आप जिन गेमिंग जोन में जा रहे हैं वे सेफ हैं भी या फिर नहीं इस बात की पुष्टि जरुर कर लीजिएगा. गुजरात के राजकोट में गेमिंग जोन में लगी भीषण आग से 28 लोगों की मौत हो गई. इनमें 12 बच्चे भी शामिल थे. गेमिंग जोन में हुए इस हादसे के बाद जयपुर के नगर निगम की नींद टूटी है. उसके बाद निगम की टीमों ने शहर के गेमिंग जोन की व्यवस्थाओं को परखने के लिए अभियान चलाया.

विज्ञापन

निगम की टीमों ने की ताबड़तोड़ कार्रवाई
निगम ग्रेटर आयुक्त के क्षेत्र में सभी गेम जोन की ऑडिट और निरीक्षण के निर्देशों के बाद जयपुर के दो सौ फीट अजमेर रोड़ के नजदीक पुनो गेमिंग क्लब से लेकर झोटवाड़ा के ट्राइटन मॉल स्थित गेमिंग जोन में निगम की फायर टीम पहुंची. उन्होंने फायर फाइटिंग सिस्टम, एंट्री व एग्जिट व्यवस्था और फायर एनओसी की जांच की. फायर एनओसी के साथ सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरने पर निगम की टीम ने यहां तुरंत कार्रवाई करते हुए बिना सुरक्षा के चलाए जा रहे गेमिंग जोन को सीज कर दिया.

निर्धारित सुरक्षा मापदंड पूरे नहीं मिले
नगर निगम ग्रेटर जयपुर की फायर शाखा की डीसी सरीता चौधरी के मुताबिक गेम जोन में निर्धारित सुरक्षा मापदंड पूरे नहीं होने के चलते छह जोन को तुरंत सीज कर दिया गया है. जयपुर के ग्रेटर निगम क्षेत्र में पहले कुछ ही मॉल में ही गेमिंग जोन थे. लेकिन अब महंगे गेमिंग जोन की बढ़ती डिमांड को देखते हुए कई कंपनियां इस व्यवसाय में कूद गई हैं और खूब चांदी कूट रही हैं. लेकिन इन सबके बीच आम-जन की जान माल की सुरक्षा को उन्होंने ताक पर रख दिया है. राजकोट हादसे के बाद जयपुर के नगर निगमों को भी इन गेमिंग जोन की याद आई.

विज्ञापन

अब नियमित रूप से रूप से की जाएगी जांच
अब नगर निगम ग्रेटर की फायर समिति के अध्यक्ष पारस जैन ने कहा कि ऐसी जगहों पर जहां ज्यादा क्राउड का आवागमन रहता हैं वहां नियमित रूप से अभियान चलाकर फायर सिस्टम का परीक्षण किया जाएगा. हालांकि फायर के बेड़े में स्टाफ और संसाधनों की कमी एक बड़ी वजह है जिसका नुकसान कभी भी भुगतना पड़ सकता है.

About the Author

Sandeep Rathore
संदीप ने 2000 में भास्कर सुमूह से पत्रकारिता की शुरुआत की. कोटा और भीलवाड़ा में राजस्थान पत्रिका के रेजीडेंट एडिटर भी रह चुके हैं. 2017 से News18 से जुड़े हैं.
Click here to add News18 as your preferred news source on Google.
न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें। राजस्थान की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें |
और पढ़ें

फोटो

मच्छरों को कब लगा इंसानों के खून का चस्का? आज भी हर साल लेते हैं 6 लाख की जान

UBER की एयर टैक्सी कर देगी ट्रैफिक की छुट्टी! 320 km/h होगी स्पीड

दिल्ली में डबल डेकर बस रिटर्न्स: संसद से लेकर इंडिया गेट तक घुमाएगी, जानें सब

सुल्तानपुर के ये इलाके हैं सबसे किफायती, 2500 से 5000 में मिल जाएगा कमरा

बहराइच की पांच सुरक्षित और सुविधाजनक कॉलोनियां, जो लोगों की पहली पसंद

और देखें

ताज़ा समाचार

'संघ शाखा में गाय का दूध या भैंस का', दूध वाले बयान पर डोटासरा ने ली चुटकी!

लोन वसूली करने पहुंचे थे, लेकिन गलत दरवाजा खटखटा बैठे;मचा बवाल, हुई जमकर पिटाई

'दाढ़ी वालों को देखते ही डर जाता हूं', किस बात पर जगदीप धनखड़ ने ऐसा कह दिया!

बाड़मेर: खेत से निकलने लगा क्रूड ऑयल, लीकेज सोर्स का पता नहीं

'सहारण साहब आप तो मेरे समधी हो, समझा करो', डोटासरा ने क्यों कहा ऐसा

और पढ़ें
होमटी20 वर्ल्ड कपलाइव टीवीलोकल