चीन की सबसे बड़ी नेवी परेड में शामिल हुए भारत के दो युद्धपोत, पाकिस्तान से नहीं पहुंचा कोई जहाज
अमेरिका ने भी किया परेड को नजरअंदाज, 13 देशों के युद्धपोतों ने लिया हिस्सा
चीन की नौसेना के 70 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित अंतरराष्ट्रीय समुद्री परेड में हिस्सा लेने के लिए भारत के दो युद्धपोत आइएनएस कोलकाता और आइएनएस शक्ति भी पहुंचे. गौरतलब है कि ब्रह्मोस मिसाइल से लैस आइएनएस कोलकाता का नेतृत्व कैप्टन आदित्य हारा और शक्ति का नेतृत्व कैप्टन श्रीराम शंकर ने किया. इस दौरान चौंकाने वाली बात यह रही कि चीन का सबसे करीबी होने का दावा करने वाले पाकिस्तान का एक भी जहाज इस परेड में शामिल नहीं हुआ. हालांकि इन कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पाकिस्तान का प्रतिनिधिमंडल किंगदाओ शहर में 21 से 26 अप्रैल तक रहेगा. इस दौरान अमेरिका ने एक भी जहाज इस परेड के लिए नहीं भेजा है. माना जा रहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनके अमेरिकी समकक्ष डोनाल्ड ट्रंप के बीच चल रही तल्खी के चलते कोई भी अमेरीकी जहाज नहीं पहुंचा है.
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विवादित इलाके से निकले भारतीय युद्धपोत
चीन जाने के लिए दोनों भारतीय पोतों ने चीन और ताइवान को अलग करने वाले समुद्री रास्ते को पार किया. इस इलाके को ताइवान स्ट्रेट कहा जाता है. इस इलाके पर चीन हमेशा से दावा करता आ रहा है. हालांकि भारतीय युद्धपोतों को यहां से निकलने में कोई परेशानी नहीं हुई क्योंकि चीन के जहाज यहां पर पहले से ही सहायता के लिए खड़े थे.
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चीन शांति चाहता है
इस दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन शांतिप्रिय देश है और किसी भी देश को अपनी ताकत को दिखाकर अन्य देशों को धमकाना नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि हमें सभी का सम्मान करना चाहिए. सभी देशों को क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना और समुद्री जलमार्ग से जुड़े विवादों का एक सही तरीके से समाधान करना चाहिए.
इस परेड में 32 चीनी जहाज और 39 एयरक्राफ्ट शामिल हैं. इसके साथ ही भारत, जापान, वियतनाम और ऑस्ट्रेलिया सहित 13 देशों के युद्धपोत भी परेड में भाग ले रहे हैं. इस दौरान चीन अपनी नई परमाणु पनडुब्बियों और युद्धपोतों का भी प्रदर्शन करेगा.
