यूक्रेन का नाटो में शामिल होना और रूस से क्रीमिया वापस लेना... कहां फंस गया डोनाल्ड ट्रंप का पूरा दांव?
Russia Ukraine War: डोनाल्ड ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को सुलझाना मुश्किल बताया. उन्होंने व्लादिमीर पुतिन और वोलोदिमिर जेलेंस्की की वार्ता को असंभव माना, रूस ने भी यूक्रेन के साथ बैठक की संभावना को खारिज किया है.
वॉशिंगटन. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर एक बार फिर चर्चा में आए हैं. वो राष्ट्रपति बनने के बाद से रूस और यूक्रेन की जंग को सुलझाने में लगे हैं और इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन पर लगातार हमलावर रहे हैं. लेकिन लगता है कि ट्रंप भी इस बात को मानते हैं कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की को बातचीत के लिए एक मेज पर लाना टेढ़ी खीर है.
दरअसल, हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि रूस के खिलाफ यूक्रेन की रक्षा में मदद के लिए अमेरिकी सैनिक नहीं भेजे जाएंगे. ट्रंप ने यह भी कहा था कि यूक्रेन की नाटो में शामिल होने और रूस से क्रीमिया प्रायद्वीप वापस लेने की उम्मीदें पूरी होना ‘असंभव’ है. बता दें कि बीते 18 अगस्त को ही व्हाइट हाउस में ट्रंप, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के बीच एक लंबी बैठक हुई थी.
ट्रंप ने शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के बीच बातचीत की संभावनाओं को ‘तेल और सिरका’ मिलाने जैसा बताया. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं का मिलना बेहद मुश्किल है और फिलहाल शांति की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है. ट्रंप ने कहा, “हम देखेंगे कि क्या पुतिन और जेलेंस्की मिलकर कोई समाधान निकाल सकते हैं. ये थोड़ा तेल और सिरका मिलाने जैसा है. दोनों एक-दूसरे के साथ बिल्कुल नहीं चलते, लेकिन देखते हैं क्या होता है.”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह खुद इस वार्ता में शामिल होंगे, तो ट्रंप ने जवाब दिया, “देखते हैं. मैं खुद इसमें शामिल नहीं होना चाहता. बेहतर होगा कि वे खुद बात करें और कोई रास्ता निकालें. फिलहाल तो वे लड़ रहे हैं और लोगों की जान जा रही है. हर हफ्ते करीब 7,000 लोग मारे जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं. ये सब बहुत बेवकूफी भरा है.”
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 7 युद्धों को रोका और चाहते हैं कि यह युद्ध भी खत्म हो. उन्होंने माना कि यह युद्ध शायद सबसे कठिन साबित हो रहा है. इस बीच, रूस ने तुरंत किसी बैठक की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी चैनल एनबीसी से बातचीत में कहा, “ऐसी कोई मीटिंग तय नहीं है.”