चिरचिटा एक प्राचीन आयुर्वेदिक औषधि है, जो दांतों की सफाई, मसूड़ों की मजबूती, पाचन सुधार, जोड़ों के दर्द और त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी है. इसके नियमित और सही उपयोग से स्वास्थ्य बेहतर बन सकता है, लेकिन गंभीर रोगों या गर्भावस्था में चिकित्सक की सलाह आवश्यक है....
ब्रिटिश शासनकाल में भी बाबा की चर्चा कम न थी. एक बार बलिया जनपद के नरही थाना क्षेत्र अंतर्गत कोरंटाडीह जेल में उन्हें बंद कर दिया गया था. किंवदंतियों के अनुसार कुछ ही समय बाद वे जेल के बाहर विचरण करते दिखाई दिए. यह देखकर तो अंग्रेज अफसर के होश ही उड़ गए और भयभीत हो उठे थे. इसके बाद, बाबा को दोबारा छूने की हिम्मत फिरंगियों को नहीं हुई. इस मंदिर पर हर समय लोगों की भीड़ लगी रहती हैं....
इन दिनों आयुर्वेद का हाल बलिया जनपद में बदहाल है. कहीं कहीं तो सिर्फ कंपाउंडर बैठे रहते हैं, कोई डॉक्टर नजर नहीं आता हैं. कई आयुर्वेद चिकित्सालय में तो दवा ही नहीं है. सरोज पांडेय ने कहा कि, सही व्यवस्था नहीं रहेगी, तो परेशानी बढ़ेगी. अस्पताल में जो दवाइयां उपलब्ध हैं, उन्हीं से डॉक्टर सभी मरीजों का उपचार करने की कोशिश कर रहे हैं. चिकित्सक भी अंदर मौजूद स्टॉक को ध्यान में रखते हुए ही पर्ची लिख रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक लोगों को राहत मिल सके....
Badam Katli Sweet: बलिया में इन दिनों बादाम कतली ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है. शुद्ध देसी घी, बादाम और केसर से तैयार होने वाली यह मिठाई अपनी गुणवत्ता के कारण काजू कतली को कड़ी टक्कर दे रही है. ₹1000 प्रति किलो की कीमत होने के बावजूद इसकी मांग आजमगढ़ और देवरिया जैसे आसपास के जिलों में भी बढ़ गई है. अगर आप भी कुछ खास और शाही मिठास का अनुभव करना चाहते हैं, तो बलिया की यह बादाम कतली जरूर आज़माएं; एक बार खाने के बाद बार-बार खाने का मन करेगा....
Rajasthan Special Goat: श्री मुरली मनोहर टाउन स्नातकोत्तर महाविद्यालय बलिया संबद्ध (Affiliated) JNCU के शोधार्थी ईशान ने कहा कि वह सोजत बकरी पर शोध कर रहे हैं. यह खास तौर से पाली और जोधपुर क्षेत्र में पाली जाने वाली बकरी है. इनके निष्कर्ष इस नस्ल को भविष्य की सफेद सोना साबित कर रहा है. सोजत बकरी अपनी शानदार बनावट के कारण पहली नजर में ही पहचानी जा सकती है....
हर जगह दिखाई देने वाला एक ऐसा पौधा, जिसके कई गुणों की बखान आयुर्वेद में किया गया है. जी हां एलोवेरा, जिसे घृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है. यह न केवल त्वचा, बल्कि बाल, इम्युनिटी पॉवर और पाचन से जुड़ी समस्याओं में बहुत उपयोगी है. इसके अलावा भी यह कई रोगों से छुटकारा दिला सकता है. आगे जानिए......
बलिया के राजेश कुमार ने अपनी मेहनत और भक्ति से कामाख्या देवी का मंदिर बनाकर आस्था का बड़ा केंद्र स्थापित किया. बचपन से ही माता रानी की सेवा में समर्पित, राजेश कुमार ने अपने दम पर जमीन खरीदी और मंदिर का निर्माण कराया. यहां भक्त संतान प्राप्ति, नौकरी और मानसिक शांति जैसी मुरादें पूरी होने की कामना लेकर आते हैं. मंदिर में धागा बांधने, तुलसी विवाह और रुद्राभिषेक जैसी परंपराएं श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत बनाती हैं....
Student Opinion UP Board 12th Math Paper: सोमवार को यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट गणित का पेपर संपन्न हुआ. कुछ बच्चे बोले कि पेपर बहुत कठिन था, तो किसी ने कहा आसान, तो किसी ने मध्यम बताया है. परीक्षार्थियों के मुताबिक, कुछ क्वेश्चन बाहर से भी पूछे गए थे, जो दिमाग को हिलाकर रख दिया है....
गुलमोहर, जो अपनी लाल रंगत और खूबसूरती से नजरें खींचता है, केवल एक सजावटी पेड़ नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद है. इसके तने की छाल, पत्तियां और फूल आयुर्वेद में विभिन्न रोगों के उपचार के लिए उपयोगी माने जाते हैं. पेट की समस्याओं से लेकर बालों के झड़ने, बवासीर, और जोड़ों के दर्द तक, गुलमोहर में छिपे हैं कई स्वास्थ्य लाभ. हालांकि, इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए, खासकर गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लिए....
आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां बताई गई हैं, जिन्हें शरीर के अलग-अलग अंगों की मजबूती के लिए उपयोग किया जाता रहा है. उन्हीं में से एक है हड़जोड़, जिसे अस्थिसंहार भी कहा जाता है. नाम से ही स्पष्ट है कि यह जड़ी-बूटी हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में खास मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में फ्रैक्चर या हड्डी की कमजोरी होने पर लोग पारंपरिक तौर पर इसका इस्तेमाल करते रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, सही तरीके और मात्रा में सेवन करने पर यह हड्डियों की मजबूती, सूजन में राहत और रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में सहायक हो सकती है....
बलिया की देसी खुरमा, स्वाद और परंपरा का बेहतरीन मिश्रण है. कुरकुरी बाहरी परत और हल्की मिठास से भरी यह मिठाई हर उम्र के लोगों का दिल जीतती है. इसे नमकीन के साथ खाएं या बिना, इसका स्वाद हर बार लाजवाब लगता है. सबसे खास बात यह है कि एक बार बनने के बाद यह लंबे समय तक ताजगी बनाए रखती है. बलिया के पुराने कारीगर मुन्ना कुमार के हाथों से तैयार यह खुरमा न केवल स्वाद में अद्भुत है, बल्कि बेहद सस्ती भी है. अगर आप भी इस देसी मिठाई का स्वाद लेना चाहते हैं, तो बलिया के शहीद पार्क चौक स्थित मुन्ना जी की दुकान पर जरूर जाएं....
Ballia News: बलिया के हनुमानगंज की सड़क के किनारे बांस की खुशबू आज भी परंपरा की कहानी सुनाते हैं. यहां सैकड़ों वर्षों से कारीगर अपने हाथों की बारीक कला से डाल, मऊर और दौरा तैयार कर रहे हैं....
सनन्दन उपाध्याय/बलिया: हर जगह दिखने वाली साधारण घास, जो खेत से लेकर आंगन और आयुर्वेद से लेकर आस्था तक अपनी अलग पहचान रखती है. जी हां आमतौर पर पैरों तले बिछी रहने वाली यह घास औषधीय गुणों का खजाना है. इसका सही तरीके से प्रयोग कर कई रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. आगे विस्तार से जानिए......
भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली कच्ची हल्दी इन दिनों सेहत की दुनिया में फिर सुर्खियां बटोर रही है. आयुर्वेद में इसे संजीवनी समान कहा गया है. इसमें करक्यूमिन और शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को भीतर से मजबूत बनाते हैं. यह कई रोगों से निजात दिला सकती है. ...
सफेद चंपा एक ऐसा पेड़ है, जो धरती पर आसानी से पाया जाने वाला अद्भुत औषधीय गुणों से भरपूर है. इसके न केवल पत्ते, बल्कि सभी अंग संजीवनी के समान माने जाते हैं. यह पेड़ अल्सर, कुष्ठ रोग, सूजन, गठिया, अस्थमा, बुखार, और कब्ज़ जैसी कई बीमारियों में बेहद लाभकारी साबित होता है. इसके फूलों का उपयोग नारियल के तेल को सुगंधित करने के लिए भी किया जाता है, और इसकी पत्तियां पुराने घावों को भरने में सक्षम मानी जाती हैं....