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गहलोत सरकार ने की लापरवाह ब्यूरोक्रेट्स और प्रशासनिक मशीनरी पर शिकंजा कसने की तैयारी

Prem Meena | News18 Rajasthan
Updated: October 31, 2019, 11:32 AM IST
गहलोत सरकार ने की लापरवाह ब्यूरोक्रेट्स और प्रशासनिक मशीनरी पर शिकंजा कसने की तैयारी
गहलोत सरकार ने 12 फरवरी, 2019 को बिल के ड्राफ्ट की प्रति प्रशासनिक सुधार विभाग की बेसाइट पर डाल दी थी. लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते बिल कानून नहीं बन पाया.

अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने प्रदेश के लापरवाह ब्यूरोक्रेट्स और प्रशासनिक मशीनरी (Careless Bureaucrates and Administrative Machinery) पर शिंकजा कसने की तैयारी (Preparation) तेज कर कर दी है. इसके लिए सरकार की ओर से सामाजिक जवाबदेही बिल (Social accountability bill) तैयार किया जा रहा है.

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जयपुर. अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने प्रदेश के लापरवाह ब्यूरोक्रेट्स और प्रशासनिक मशीनरी (Careless Bureaucrates and Administrative Machinery) पर शिंकजा कसने की तैयारी (Preparation) तेज कर कर दी है. इसके लिए सरकार की ओर से सामाजिक जवाबदेही बिल (Social accountability bill) तैयार किया जा रहा है. बिल के लिए सरकार ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 12 सदस्यीय कमेटी (Committee) का गठन कर रखा है. कमेटी राजस्थान सामाजिक जवाबदेही कानून का ड्राफ्ट (Draft of law) डेढ़ माह में तैयार कर लेगी.

पंजाब, बिहार और मेघालय के कानून के बिंदुओें पर किया मंथन
ड्राफ्ट को लेकर बुधवार को सचिवालय में कमेटी की पहली बैठक हुई. बैठक के बाद रामलुभाया ने कहा कि ड्राफ्ट जल्द ही कर लिया जाएगा. इसके बाद जनता से सुझाव एंव आपत्तियां ली जाएंगी. सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने बताया कि बिल में पंजाब, बिहार और मेघालय के कानून के बिंदू शामिल किए जाएंगे. बैठक में इन पर मंथन किया गया है.

आचार संहिता के चलते बिल कानून नहीं बन पाया था

गहलोत सरकार ने 12 फरवरी, 2019 को बिल के ड्राफ्ट की प्रति प्रशासनिक सुधार विभाग की बेसाइट पर डाल दी थी. लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के चलते बिल कानून नहीं बन पाया. अब सरकार नए सिरे से सामाजिक जवाबदेही कानून का ड्राफ्ट तैयार कर रही है. इसके लिए सेवानिवृत्त आईएएस रामलुभाया की अध्क्षता में गठित कमेटी की सचिवालय में पहली बैठक हुई.

सभी विभागों को लाया जाएगा दायरे में
12 सदस्यीय कमेटी की ओर से बिल का जो ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है इसके दायरे में सभी विभागों को लाया जाएगा. इतना ही नहीं सभी निगम, आयोग और निकायों को भी बिल के दायरे में लाया जाएगा. जवाबदेही कानून में यह तय किया जाएगा कि किसी व्यक्ति की फाइल क्यों रोकी गई ? किसी की पेंशन बंद की गई थी तो उसका आधार क्या था ? किस अफसर ने फाइल बंद की ?
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First published: October 31, 2019, 11:08 AM IST
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