'पहले दोनों लड़ें-भिड़ें, फिर देखेंगे मुझे जाना है या नहीं', पुतिन-जेलेंस्की की मुलाकात पर बोले ट्रंप
Trump On Putin-Zelensky Meeting: डोनाल्ड ट्रंप अब रूस-यूक्रेन युद्ध में मध्यस्थता से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं. उन्होंने पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात तभी संभव बताई जब दोनों तैयार हों. रूस ने भी ट्रंप की योजना पर ठंडा जवाब दिया.
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब रूस-यूक्रेन युद्ध से दूरी बनाते दिख रहे हैं. उन्होंने कहा कि वे पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात में तभी शामिल होंगे जब दोनों नेता खुद बातचीत के लिए तैयार हो जाएं. ट्रंप ने कहा, ‘देखते हैं क्या पुतिन और जेलेंस्की आपस में काम कर सकते हैं. दोनों एक-दूसरे से बिल्कुल भी नहीं पटते, ये सबको पता है. फिर देखेंगे कि मुझे वहां होना जरूरी है या नहीं. सच कहूं तो मैं नहीं जाना चाहता. बेहतर है कि मैं उनके लिए मुलाकात तय कर दूं और देखूं कि वे इसे कैसे संभालते हैं.’ उन्होंने कहा कि इस बीच दोनों देश लगातार लड़ रहे हैं और लोग मारे जा रहे हैं. ट्रंप के मुताबिक हर हफ्ते करीब सात हजार लोग मारे जा रहे हैं, जिनमें ज्यादातर सैनिक हैं. उन्होंने कहा, ‘यह बहुत बेवकूफी है.’
ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने अब तक सात युद्ध रोके हैं. ट्रंप ने कहा, ‘मैं इस युद्ध को भी रोकना चाहता हूं. शुरू में मुझे लगा कि यह मध्यम स्तर की मुश्किल होगी. लेकिन यह तो अब तक का सबसे जटिल साबित हुआ है.’
‘तेल और सिरके जैसा रिश्ता’
ट्रंप ने पुतिन और जेलेंस्की की संभावित मुलाकात पर कहा कि दोनों नेताओं का रिश्ता ‘तेल और सिरके’ जैसा है. यानी एकदम असंगत. उन्होंने कहा, ‘उनकी ज्यादा नहीं पटती, वजह साफ है. लेकिन देखते हैं आगे क्या होता है.’
ट्रंप ने एक हफ्ता पहले अलास्का में रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी. उसी दौरान उन्होंने कहा था कि वे रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात कराना चाहते हैं. लेकिन अब तक यह योजना जमीन पर उतरती नहीं दिख रही.
रूस का ठंडा रुख
इधर, रूस ने ट्रंप की बातों पर ठंडी प्रतिक्रिया दी है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ किया कि पुतिन और जेलेंस्की की कोई मुलाकात तय नहीं है. उन्होंने कहा, ‘पुतिन जेलेंस्की से मिलने को तैयार हैं. लेकिन इसके लिए एजेंडा तय होना जरूरी है. और फिलहाल ऐसा कोई एजेंडा तैयार नहीं है.’
लावरोव ने आगे यह भी आरोप लगाया कि जेलेंस्की ने ट्रंप की सारी शांति प्रस्तावों को ठुकरा दिया. उनके मुताबिक अमेरिका की शर्तें ही वॉशिंगटन की नजर में जरूरी हैं. लेकिन कीव (यूक्रेन) उन्हें मानने को तैयार नहीं है.