ICE की गोली से अमेरिकी नागरिक की मौत, लेकिन ट्रंप को नहीं अफसोस, अभी भी कर रहे राजनीति
Minnesota Shooting ICE: मिनेसोटा में ICE एजेंट्स की गोली से अमेरिकी नागरिक की मौत के बाद ट्रंप ने डेमोक्रेट नेताओं पर हमला बोला है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार सच छिपा रही है और संघीय एजेंसियों के काम में रुकावट डाल रही है. स्थानीय नेता इसे गलत कार्रवाई बता रहे हैं.
वॉशिंगटन: अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में एक चौंकाने वाली घटना के बाद पूरे देश की राजनीति गरमा गई है. संघीय इमिग्रेशन एजेंट्स की गोली से एक अमेरिकी नागरिक की मौत हो गई. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सफाई देते नहीं बन रहा तो वह राज्य की डेमोक्रेट सरकार पर सीधा हमला बोल रहे हैं. उन्होंने इस घटना को भ्रष्टाचार छिपाने के लिए कवरअप बताया. ट्रंप ने आरोप लगाया कि स्थानीय नेता संघीय अधिकारियों के काम में रोड़े अटका रहे हैं. मृतक की पहचान 37 साल के एलेक्स प्रेटी के रूप में हुई है. वह मिनियापोलिस का रहने वाला था और अमेरिकी नागरिक था.
ट्रंप ने क्या कहा?
अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि प्रेटी कानूनी रूप से हथियार लेकर चल रहा था और उसके पास वैध परमिट भी था. घटना के कुछ ही घंटों बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए डेमोक्रेट नेताओं पर निशाना साधा. उन्होंने एक बंदूक की तस्वीर साझा की और लिखा कि यह इलाका डेमोक्रेट्स का गढ़ है, जहां संघीय एजेंसियों को काम करने नहीं दिया जाता. ट्रंप ने दावा किया कि स्थानीय प्रशासन ने जानबूझकर पुलिस को पीछे हटा लिया, जिससे ICE एजेंट अकेले पड़ गए.
ट्रंप ने कहा कि एजेंटों के पास खुद को बचाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि शहर और राज्य के नेताओं ने संघीय अधिकारियों को मदद से वंचित किया. इसके साथ ही ट्रंप ने मिनेसोटा के नेताओं पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए. उन्होंने सांसद इल्हान ओमर का नाम लेते हुए कहा कि राज्य से अरबों डॉलर गायब हुए हैं.
ट्रंप ने किस चीज को छिपाने का लगाया आरोप?
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि संघीय अधिकारी सिर्फ इमिग्रेशन मामलों के लिए नहीं, बल्कि कथित वित्तीय घोटालों की जांच के लिए भी वहां मौजूद थे. उनके अनुसार, गोलीकांड को इन आरोपों से ध्यान हटाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है. दूसरी ओर, स्थानीय और संघीय अधिकारियों की कहानी अलग है.
क्या कह रही ट्रंप की सरकार?
मिनियापोलिस पुलिस प्रमुख ब्रायन ओहारा ने कहा कि एक 37 साल के व्यक्ति की मौत हुई है और वह कानूनी रूप से हथियार लेकर चल रहा था. होमलैंड सिक्योरिटी विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि जब वह व्यक्ति बंदूक के साथ एजेंटों की ओर बढ़ा और उसे काबू में करने की कोशिश का विरोध किया, तब एजेंटों ने बचाव में गोली चलाई. व्हाइट हाउस के वरिष्ठ सलाहकार स्टीफन मिलर ने भी यही कहा कि एजेंटों ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की. डेमोक्रेट नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा की है. सांसद इल्हान ओमर ने इसे इमिग्रेशन एजेंसियों की ओर से की गई हत्या बताया और कहा कि ट्रंप प्रशासन समुदायों को सुरक्षित करने के बजाय डराने का काम कर रहा है. अन्य डेमोक्रेट नेता भी इसी तरह की चिंता जता रहे हैं.
पहले भी हुई थी हत्या
मिनियापोलिस में पहले से ही तनाव का माहौल है. 7 जनवरी को एक अलग कार्रवाई के दौरान रेनी गुड नाम की महिला की मौत के बाद से शहर में रोज प्रदर्शन हो रहे हैं. शनिवार की घटना के बाद भी लोग सड़कों पर उतर आए और ICE को शहर से बाहर जाने के नारे लगाए गए. राज्य के गवर्नर टिम वाल्ज ने सबसे पहले गोलीकांड की पुष्टि की. वहीं उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने संघीय कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि इमिग्रेशन अधिकारी अपना काम करने आए थे और उन्हें राज्य नेतृत्व की ओर से रोका जा रहा है.